न्यायालय परिसर में धड़ल्ले से हो रही स्टाम्प की कालाबाजारी, आमजन के साथ हो रही ठगी

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अमित दवे/जोधपुर. एक ओर जहां सरकार आवश्यक वस्तुओं और सरकारी सेवाओं में कालाबाजारी तथा बिचोलियों को समाप्त करने का दावा कर रही है। वहीं न्यायालय परिसर में स्टाम्प विक्रेता आम जनता के साथ कदम-कदम पर ठगी कर रहे हैं। कालाबाजारियों द्वारा रेवेन्यू टिकट सहित छोटे स्टाम्प महंगे दामों में बेचने का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। लगातार शिकायतों और सबूतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कोर्ट परिसर में समझौता पत्र, शपथ पत्र, पावर ऑफ अटॉर्नी, बैंकिंग कार्य आदि के लिए स्टाम्प खरीदने आने वालों को पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। कोषालय से 10, 20, 50, 100 व इससे अधिक धनराशि के स्टाम्प वेंडरों को दिए जाते हैं। वेंडरों के माध्यम से स्टाम्पों की बिक्री की जाती है पानी-बिजली कनेक्शन, लोन, प्रमाण पत्रों के लिए शपथ पत्र, किरायानामा, वसीयतनामा जैसे आवश्यक दस्तावेजों में 50, 100, 500 रुपए तक के स्टाम्प की अनिवार्यता के चलते आम आदमी को इन स्टाम्प की दरकार लगातार रहती है।

50 रुपए के स्टाम्प पर 20 प्रतिशत सरचार्ज जोडकऱ 60 रुपए सरकारी कीमत निर्धारित है। परंतु यही 60 रुपए का स्टाम्प 80 से 100 रुपए तक में बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा लगभग सभी स्टाम्प 20-30 प्रतिशत तक अधिक मूल्य पर धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। इसी तरह हर छोटे-बड़े दस्तावेजों पर लगने वाले एक रुपए के रेवेन्यू टिकट पांच गुणा ज्यादा में बेचे जा रहे है। हालांकि रेवेन्यू टिकट डाकघर के मार्फ त भी बेचे जाते हैं, परंतु शहर के कई पोस्ट ऑफि स में इन टिकटों की हमेशा किल्लत बनी रहती है। एक रुपए में मिलने वाला रेवेन्यू टिकट अब 5 रुपए में मिल रहा है।

इसके बाद भी यह आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहा है। सरकार द्वारा ई-स्टाम्प की बिक्री बंद कर देने के बाद तो स्टाम्प वेंडर्स की मौज हो गई है। गौरतलब है कि प्रदेश में ई स्टाम्पिंग का काम भारत सरकार की कंपनी स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन को दे रखा है। राज्य सरकार से इसका अनुबंध 21 जुलाई तक का ही था। इसके बाद राज्य सरकार ने अनुबंध आगे नहीं बढ़ाया। ई-स्टाम्प बंद होने के बाद स्टाम्प विक्रेताओं की मनमर्जी और ज्यादा बढ़ गई है।

 

स्टाम्प की वर्तमान दरें

- 50 रुपए का स्टाम्प 60 रुपए में सरचार्ज सहित
- 100 रुपए का स्टाम्प 120 रुपए में सरचार्ज सहित

- 500 रुपए का स्टाम्प 600 रुपएए में सरचार्ज सहित
- 1000 रुपए का स्टाम्प 1200 रुपए सरचार्ज सहित

वर्तमान में सरचार्ज की दर 20 फ ीसदी है। इससे अधिक राशि लेने पर शिकायत की जानी चाहिए।

गाड़ी बेचने के लिए रेवेन्यू टिकट की जरूरत थी। दो-तीन स्टाम्प विक्रेताओं से एक रुपए वाली टिकट मांगी। किसी ने नहीं दी। आखिर में कोर्ट के पिछले गेट की तरफ जाने वाले रास्ते पर एक वेंडर ने दस रुपए लेकर दो टिकट थमा दिए।

- रमेश गोस्वामी, रावटी सुरसागर
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जेडीए में प्लांट का नाम ट्रांसफ र के लिए 50 रुपए का स्टाम्प खरीदने गया। केवल स्टाम्प किसी ने नहीं दिया। शपथ पत्र प्रिंट कर 100 रुपए वसूल कर लिए जबकि एक पेज टाइप का सामान्यत दस रुपए शुल्क होता है। इस तरह कुल 70 रुपए के सौ रुपये ले लिए।


- अमित गौड़, मरुधर केसरी नगर, पाल

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इस प्रकार की शिकायत आई नहीं है। अगर ऐसी शिकायत आएगी तो जांच कर उक्त वेण्डर्स को पाबंद करेंगे।

- विशाल दवे, उप महानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग जोधपुर



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