सुखदेव की जगह गुरुदेव बनकर गुजरात में रह रहा था हत्या का आरोपी

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लोहावट. लोहावट के बहुचर्चित रामसागर पीलवा निवासी भंवराराम जाट हत्याकांड के मामले में एक साल से फरार दूसरे आरोपी सुखदेव विश्नोई को लोहावट पुलिस ने गिरफतार किया। पुलिस ने उसे गुजरात के जिला भरुच के देहाती क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस इस मामले में एक आरोपी को पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजन दुष्यन्त ने बताया कि अगस्त २०१७ में वनकर्मी भंवराराम जाट की लोहावट पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज हुई थी। उसके बाद वनकर्मी के परिजनों ने हत्या का मामला दर्ज करवाया था। वनकर्मी के लापता होने के १८ दिन बाद आरोपी जितेन्द्र हरिजन निवासी लोहावट विश्नावास को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर लोहावट में माधव गोशाला के पास जमीन गाढ़ा हुआ शव निकाला। बाद में दूसरे आरोपी सुखदेव विश्नोई पुत्र रामूराम विश्नोई निवासी लोहावट विश्नावास की तलाश प्रारंभ की। पुलिस टीम द्वारा उसके संभावित स्थानों तथा प्रदेश के कई जिलों एवं गुजरात, हरियाणा, छतीसगढ़, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में उसकी तलाश की गई, लेकिन उसका पता नहीं चला।

गुजरात में मिला, नाम बदलकर रह रहा था
आरोपी सुखदेव विश्नोई की तलाश में महानिरीक्षक जोधपुर रेंज के आदेशानुसार वृताधिकारी हरफूलसिंह के निर्देशन में थानाधिकारी हरिसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की तथा आरोपी की तलाश प्रारम्भ की गई। कांस्टेबल राजेन्द्रसिंह को मुखबिर से कु़छ तथ्य मिले। जिस पर टीम ने आरोपी सुखदेव विश्नोई को जिला भरुच सूरत सीमा पर गुजरात के देहाती क्षेत्र से गिरफ्तार किया। सुखदेव वहां अपना नाम बदलकर गुरुदेव नाम से रह रहा था।

टीम को किया जाएगा पुरस्कृत
आरोपी सुखदेव विश्नोई को गिरफ्तार करने वाली टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। एसपी दुष्यन्त ने बताया कि विशेष टीम में लोहावट थानाधिकारी हरिसिंह राजपुरोहित, कांस्टेबल राजेन्द्रसिंह, प्रदीपकुमार, बजरंगलाल को पुरस्कृत किया जाएगा।

पुलिस थाना के आगे दिया था धरना
वनकर्मी भंवराराम जाट हत्याकांड के मामले में दूसरे आरोपी की करीब एक साल बाद भी गिरफतारी नहीं होने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने गत २७ जुलाई को थाने के आगे धरना देकर रोष जताया था। बाद में पुलिस अधिकारियों के द्वारा १५ अगस्त तक मामले में फरार दूसरे आरोपी को गिरफ्तार करने के आश्वासन के बाद ग्रामीण राजी हुए तथा धरने को समाप्त किया।

 



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