कैसे पढ़ें बच्चे, सैंकड़ों स्कूल में टीचर और एचएम नहीं

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डेढ़ लाख बच्चों का नामांकन, 1140 शिक्षक और चाहिए

 

जोधपुर. जोधपुर जिले में प्रारंभिक शिक्षा का हाल बेहाल है। तीन सौ से अधिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद रिक्त हैं और कार्यवाहक शिक्षक स्कूल संचालन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

 

इसके अलावा सैंकड़ों स्कूलों में अध्यापकों की कमी है। एक तरफ विभाग पर बच्चों का नामांकन बढ़ाने का दबाव है तो दूसरी तरफ बच्चों को पढ़ाने वाले अध्यापक ही नहीं है। सितम यह कि शिक्षकों पर मिड डे मील और अन्नपूर्णा दूध योजना के तहत बच्चों को खाना खिलाने और दूध पिलाने की भी जिम्मेदारी आ गई है।

 

स्कूलों में खाना पकाने वाली बाई या दूध गर्म कर बच्चों को देने के लिए सहायक भी नहीं है। स्कूलों की साफ-सफाई की बात तो करना ही फिजूल है। यह जिम्मा बच्चों पर ही थोप दिया गया है। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा हमारी भावी पीढ़ी को भुगतना पड़ रहा है।

इस बार कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों में 1 लाख 56 हजार 3 सौ 52 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अधीन विद्यालयों में 1140 शिक्षकों का टोटा है। इसके चलते कई जगह पर विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं। इससे बच्चों की शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

जोधपुर जिले में कुल प्राथमिक विद्यालय 1944 और उच्च प्राथमिक विद्यालय 793 हैं। 2737 विद्यालय में पर्याप्त स्टाफ के अभाव में शिक्षकों को भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्राथमिक विद्यालयों में 72 हजार और उच्च प्राथमिक में 86 हजार बच्चे नामांकित हैं। 318 स्कूलों में प्रधानाध्यापक का पद रिक्त पड़ा है और कार्यवाहक तृतीय श्रेणी शिक्षक के भरोसे पूरी व्यवस्था है।

 

जहां मैदान नहीं, वहां तैनात शारीरिक शिक्षक

 

जोधपर जिले में 243 उच्च प्राथमिक स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं। इनमें भी 140 पद भरे हैं और 103 स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं।

 

इस कारण स्कूलों में खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। ज्यादातर स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान तक नहीं है, यहां शारीरिक शिक्षक भी लगे हुए हैं। ऐसे में बिना खेल मैदान वाले स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों का अध्यापन में भी कोई सदुपयोग नहीं हो रहा है। जबकि प्रतिमाह ऐसे शारीरिक शिक्षकों पर सरकार लाखों रुपए वेतन देने पर खर्च कर रही है।

इनका कहना

‘1598 शिक्षकों और 25 विशेष शिक्षकों की काउंसलिंग के साथ पदस्थापन का कार्य भी हो चुका है। न्यायालय में प्रकरण के कारण अग्रिम आदेश का इंतजार है। कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षकों को लगा दिया जाएगा। द्वितीय श्रेणी शिक्षकों के पद विभाग पदोन्नति व सीधी भर्ती से भरेगा।

- धर्मेन्द्रकुमार जोशी, डीईओ प्रारंभिक

 



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