नंदकिशोर सारस्वत/जोधपुर. जोधपुर जिले के उपवन संरक्षक (डीएफओ) के करीब एक माह तक अवकाश पर जाने के कारण डीएफओ का चार्ज एक कनिष्ठ सहायक वन संरक्षक को देने के कारण नाराज हुए सीनियर सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) भी लम्बी छुट्टियां पर चले गए हैं। जिले के दो प्रमुख शीर्ष वन अधिकारियों के अवकाश पर चले जाने और अधिकारों की अधिकार की लड़ाई में वनविभाग की कई योजनाएं ठप हो गई हैं।
संभागीय मुख्य वन संरक्षक आरएस शेखावत की ओर से डीएफओ हनुमानाराम के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय अकादमी देहरादून में मिड कॅरिअर प्रशिक्षण के लिए 10 सितम्बर से 6 अक्टूबर तक अवकाश पर जाने के दौरान डीएफओ का चार्ज सीनियर एसीएफ बीआर पूनिया को देने के बजाए उन्हीं के जूनियर सहायक वन संरक्षक फ लौदी नरेन्द्रसिंह शेखावत को सौंप दिया। डीएफओ का चार्ज जूनियर अधिकारी पहली बार नहीं बल्कि इससे पहले भी तीन बार दिया जा चुका है। बार- बार नियमों के खिलाफ उच्च अधिकारियों के लिखित फरमान से परेशान होकर सीनियर सहायक वन संरक्षक बीआर पूनिया ने मुख्य वन संरक्षक को खुला अवकाश प्रार्थना पत्र लिखा। जिसमें अवकाश का कारण कनिष्ठ अधिकारी को चार्ज देना बताया गया है।
अधिकारी ने पत्र में लिखा है कि डीएफओ के छुट्टी पर जाने के कारण नियमानुसार जिले के सीनियर सहायक वन संरक्षक को यह चार्ज दिया जाता है। लेकिन सीनियर अधिकारी कार्यालय में मौजूद रहने के बावजूद जूनियर अधिकारी को फलोदी से बुलाकर डीएफओ का चार्ज सौंप दिया गया। इससे उन्हें मानसिक आघात पहुंचा है। पत्र में लिखा है कि न्यायालय में चल रहे एलआरए 91 के मामले, विभागीय जांचें होने के बावजूद मुझसे जूनियर को बार-बार उनका अधिकारी बनाकर मानसिक प्रताडऩा दी जा रही है। प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न उपार्जित अवकाश फार्म में भी स्पष्ट कहा है कि मानसिक प्रताडऩा बर्दाश्त से बाहर होने के कारण 10 सितम्बर से 6 अक्टूबर 2018 की अवधि तक अवकाश पर चाहता हूं। वन विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी वर्तमान हालातों में काम के प्रति उदासीन रवैया अपनाने लगे हंै।
जमीनों पर हो रहे कब्जे
वन अधिकारियों की आपसी खींचतान का फ ायदा उठाकर मंडोर रेंज की वनभूमि पर धड़ल्ले से जमीनों पर कब्जा कर उन्हें बेचा जा रहा है। राज्य सरकार की पर्यावरण से जुड़ी कई योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। युवा कांग्रेस के जिला सचिव लक्ष्मणसिंह सोलंकी ने आरोप लगाया कि वन अधिकारियों के बीच सामंजस्य नहीं होने का खामियाजा आमजन को भी भुगतना पड़ रहा है।
आदेश जयपुर से
जिले के उपवन संरक्षक का चार्ज किसी अन्य अधिकारी को सौंपने के लिए अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रशासन जयपुर से आदेश जारी होते हैं। जोधपुर में जूनियर अधिकारी को डीएफओ का चार्ज पहले भी दो बार दिया गया तब सीनियर एसीएफ ने कभी कोई शिकायत नहीं की थी। अब जब उन्होंने मानसिक प्रताडऩा की बात कहीं तो उन्हें अवकाश करीब एक माह का अवकाश प्रदान किया गया है।
- आरएस शेखावत, मुख्य वन संरक्षक जोधपुर संभाग
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2QYQCMC
0 comments:
Post a Comment