जोधपुर।
राजस्थान रोडवेज के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चे के तत्वावधान में धरना रविवार को भी जारी रहा। राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्प्लॉयज युनियन एटक के प्रदेश सचिव लक्ष्मणसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में धरना दिया गया।
उन्होंने बताया कि 1000 हजार बसों, 101करोड़ 19 लाख रुपए 8 हजार कर्मचारियों की भर्ती सहित विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया गया। उन्होंने बताया कि यातायात मंत्री युनूस खान की अध्यक्षता में संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित पदाधिकारियों के साथ 7 वे वेतन आयोग की सिफ ारिश लागू करने के लिए वार्ता बेनतीजा रही। उन्होंने बताया कि रोडवेजकर्मी रात्रि 12 बजे से चक्काजाम हड़ताल पर उतर गए।
संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित धरने पर बुद्धाराम डूडी, रामपाल जाट, जसवंत सिंह, गिरधारीसिंह भाटी, बाबूलाल सेन सहित 40 कर्मचारी धरने पर बैठे। उन्होंने कहा मांगें नहीं माने जाने तक मोर्चा के तत्वावधान में चक्काजाम हड़ताल जारी रहेगी।
जयपुर. रोडवेजकर्मियों के संयुक्त मोर्चा ने चक्काजाम हड़ताल की घोषणा भले ही कर दी लेकिन भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध परिवहन फैडरेशन ने हड़ताल का विरोध कर काम जारी रखने का ऐलान किया है। ऐसे में रोडवेज प्रशासन को दोनों संगठनों के बीच टकराव की आशंका है।
दोनों संगठनों की रविवार को सरकार से वार्ता हुई। फैडरेशन की सचिवालय में परिवहन मंत्री युनूस खान, अरुण चतुर्वेदी, कालीचरण सराफ से वार्ता हुई। इसमें मांग पत्र तैयार कर मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की बात कही गई। हालांकि फैडरेशन का अनशन जारी है।
संयुक्त मोर्चा की परिवहन मंत्री और आला अधिकारियों से वार्ता हुई। इसमें मंत्री ने कहा कि सातवें वेतन के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही निर्णय किया जाएगा। वार्ता विफल होने के बाद मोर्चा ने हड़ताल का ऐलान कर दिया। ऐसे में दोनों संगठनों में टकराव होने से आशंकित सिंधी कैम्प बस स्टैंड प्रशासन ने 150 पुलिसकर्मी तैनात करने के लिए पुलिस कमिश्नरेट को पत्र भेजा।
दोनों संगठन सातवां वेतनमान लागू कराने पर अड़े हैं लेकिन सरकार आर्थिक भार देख रही है। इससे सरकार पर 22 करोड़ रुपए प्रतिमाह अतिरिक्त भार पड़ेगा। जबकि सरकार हर माह रोडवेज को 45 करोड़ रुपए दे रही है। परिवहन मंत्री ने कहा कि 150 करोड़ में से रोडवेज प्रशासन को 48 करोड़ रुपए दे दिए गए हैं। अगले 2-3 दिन में 50 करोड़ रुपए और जारी कर दिए जाएंगे। शेष राशि भी जल्दी ही दे दी जाएगी ताकि रिटायर्ड कर्मियों को भुगतान हो सके। सातवें वेतनमान पर मंत्री ने कहा कि कमेटी की 3 बैठकें हो चुकी हैं, रिपोर्ट आने पर फैसला किया जाएगा।
आज यह हो सकती है परेशानी
- 10.5 लाख लोग सफर करते हैं राज्य में रोडवेज बसों में रोजाना, आज संभव है कि बस न मिले
- 4716 बसें बंद रखने का है ऐलान, जो रोजाना 16.50 लाख किमी चलती हैं
- 11 राज्यों में जाती हैं रोडवेज बसें, वे भी नहीं जाएंगी
- 5.30 करोड़ रुपए आय होती है रोजाना रोडवेज को, जिससे हाथ धोना पड़ सकता है
- 1300 बसें नहीं चलेंगी सिन्धी कैम्प बस स्टैंड से, इससे 55 हजार यात्री होंगे प्रभावित
सरकार मांगें पूरी करने के लिए तैयार नहीं है। सातवें वेतनमान की मांग ठंडे बस्ते डालना चाहती है। हम हड़ताल पर रहेंगे।
- किशनसिंह राठौड़, महासचिव, सीटू यूनियन
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