- अंतरजातीय विवाह करने का अनुदान न मिलने पर तीन साल पहले कर चुका है आत्मदाह का प्रयास

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जोधपुर.
नगर निगम में सफाईकर्मियों की भर्ती लॉटरी में चयन न होने पर आक्रोशित एक युवक ने रविवार को राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के बाहर ऑटो की छत पर खड़ा होकर खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया और आग लगाने लगा, लेकिन पहले से मौजूद पुलिसकर्मियों व आमजन ने उसे माचिस की तिली लगाने से पहले ही पकड़ लिया। पानी के टैंकर के नीचे बिठाकर उसे भिगोया गया और फिर रातानाडा थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में धांधली हुई है।
उप निरीक्षक दिनेश लखावत ने बताया कि राइकाबाग हरिजन बस्ती निवासी धीरज चांगरा (३७) पुत्र कालूराम वाल्मीकि ने निगम में सफाई कर्मचारियों की भर्ती के लिए आवेदन पत्र भरा था, लेकिन गत दिनों जारी लॉटरी में उसका चयन नहीं हुआ। इसके बावजूद एक और सूची जारी होने की उम्मीद में वह रविवार को पत्नी व तीन बच्चों के साथ ऑटो में निगम ऑफिस आया, जहां चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे थे। भर्ती में उसकी लॉटरी न खुलने पर आक्रोशित हो गया। वह पत्नी व बच्चों के साथ निगम कार्यालय से बाहर निकल गया। वह ऑटो लेकर पॉलिटेक्नि कॉलेज के मुख्य द्वार के सामने जा पहुंचा और ऑटो को सडक़ के बीचों-बीच खड़ा कर दिया। फिर उसने ऑटो में रखी पेट्रोल से भरी बोतल निकाली और ऑटो की छत पर चढ़ गया। भर्ती प्रक्रिया में अधिकारियों पर धांधली का आरोप लगाते हुए उसने खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया। फिर उसने माचिस निकाली। यह देख वहां पहले से मौजूद पुलिसकर्मियों में हडक़म्प मच गया।
वे ऑटो की तरफ दौड़े और उसे घेर लिया। उसे माचिस की तिली नहीं लगाने दी। युवक ऑटो की छत पर उलटा लेट गया और छत को कसकर पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने मशक्कत कर उसे नीचे उतारा। उप निरीक्षक दिनेश लखावत की तरफ से आत्मदाह के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी धीरज को फिलहाल शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
टैंकर का वॉल्व खोल धुलवाया पेट्रोल
युवक की हरकत से वहां खलबली मच गई। पुलिस उसे ऑटो से नीचे उतार पास ही खड़े पानी के टैंकर के पास ले गई। जिसका वॉल्व खोलकर उसे नीचे बिठा दिया। ताकि शरीर व कपड़ों पर लगा पेट्रोल साफ हो जाए। बाद में उसे थाने भेज दिया गया।
भर्ती प्रक्रिया में धांधली का आरोप
आरोपी धीरज का कहना है कि उसने वर्ष २०१३ में भी सफाईकर्मी में भर्ती के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसका नंबर नहीं आया था। इस बार भी उसका नम्बर नहीं आया। जबकि एक ही परिवार से दो-दो तीन-तीन लोगों का चयन हुआ है। भर्ती प्रक्रिया में अधिकारियों ने धांधली की है।
पचास हजार के लिए तीन साल पहले उड़ेला था केरोसीन
आरोपी धीरज ने अंतरजातीय विवाह कर रखा है। एेसा करने पर सरकार की तरफ से पचास हजार रुपए का अनुदान देने का प्रावधान है। अनुदान मिलने में देरी होने पर उसने वर्ष २०१५ में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में केरोसीन उड़ेल कर आत्मदाह का प्रयास किया था, लेकिन विभाग के कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया था।



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