ईसी की पालना रिपोर्ट पर कुण्डली मारकर बैठा विभाग

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जोधपुर।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से पर्यावरण संरक्षण के लिए की जा रही सख्ती को लेकर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय उदासीन है। विभाग की पर्यावरण के प्रति उदासीनता इस कदर है कि खनन पट्टों के लिए जारी पर्यावरण सम्मति (ईसी) में दी गई शर्तों की पालना रिपोर्ट को प्रस्तुत करने के बाद भी विभाग द्वारा उन पालना रिपोर्टों की जांच नहीं की जा रही है। पर्यावरण सम्मति में कुछ शर्ते होती है जिनकी पालना कर खानधारकों को रिपोर्ट विभाग को प्रस्तुत करनी होती है। जोधपुर में करीब सैंकड़ों की संख्या में पालना रिपोर्ट पेश की जा चुकी है। जिन पर विभाग कुण्डली मारकर बैठा है
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करीब ३०० रिपोर्ट, कुछ नहीं कर रहा विभाग
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कार्यालय में जमा कराई गई इन रिपोर्टो की जांच करनी होती है। जोधपुर में खानधारकों की ओर से करीब 3०० रिपोट्र्स पेश की जा चुकी है। जांच के दौरान ईसी की शर्तों की सही रूप से पालना हो रही है या नहीं हो रही है इसकी सत्यता की जांच करनी होती है लेकिन इन रिपोर्टों की जांच नहीं करने के कारण सत्यता का पता नहीं चल रहा है।
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हवा-पानी की मॉनिटरिंग रिपोर्ट की नहीं हो रही जांच
ईसी की शर्तो में मुख्य रूप से निर्धारित खनन पट्टों में हवा-पानी की मॉनिटरिंग की जाती है। जिसमें खनन के दौरान क्षेत्र के हवा की क्वालिटी की जांच की जाती है। साथ ही, खनन क्षेत्र में निस्तारित पानी, अपशिष्ट पानी आदि की जांच की जाती है। इन रिपोर्टो की विभाग की ओर से जांच होती है। इनकी जांच हर ६ माह में करने का प्रावधान है।
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यह भी शर्तो में शामिल
- ईसी की शर्त के अनुसार खनन पट्टे में काम करने वाले मजदूरों को स्वास्थ्य प्रमाण पत्र पेश करना।
- मजदूर का इंश्योरेंस प्रमाण पत्र।
- कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर)के तहत खनन क्षेत्र के आसपास विकास कार्य करना।
- सीएसआर के तहत खनन क्षेत्र में स्कूलों, सामुदायिक भवनों, ग्राम पंचायत क्षेत्र आदि में विकास कार्य करवाना।
- खनन क्षेत्र, राजमार्गो आदि पर पौधरोपण करना, संरक्षण करना, पानी का छिड़काव करना आदि शामिल है।
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रिपोर्ट गलत होने पर ईसी रद्द हो सकती है
ईसी की शर्तो की पालना रिपोर्ट गलत पाए जाने पर ईसी रद्द की जा सकती है। ईसी रद्द होने पर खनन पट्टा के संचालन बंद तक हो सकता है। खानधारकों की ओर से ईसी की शर्तो की पालना कर रिपोर्ट पेश की जा चुकी है। विभाग की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट की भौतिक जांच के बाद सही-गलत का निर्धारण किया जाता है ।
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ईसी की पालना रिपोर्ट की जांच अनिवार्य है। यह कार्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का है।
श्रीकृष्ण शर्मा, खनिज अभियंता जोधपुर।
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यह काम खान विभाग का है। पालना रिपोर्ट पेश हुई है, इसका मतलब यही हुआ कि शर्तो की पालना हो रही है। हमारा विभाग हजारों खानों की पालना रिपोर्ट की जांच थोड़े ही करेगा। अगर किसी की शिकायत मिलती है तो जांच करते है।
विजयकुमार शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जोधपुर



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