अविनाश केवलिया/जोधपुर. प्रधानमंत्री आवास की तर्ज पर शुरू की गई मुख्यमंत्री जन आवास योजना के आवास चुनाव से पहले जनता को मिलना मुश्किल दिखाई दे रहा है। दो प्रमुख योजनाओं में करीब 11 हजार से अधिक लोगों के लिए बनने वाले ये आवास पिछले कई माह से अटके हुए हैं। हालांकि अब दावा है कि पिछले 15 दिन में इनके निर्माण को गति दी गई है। जोधपुर विकास प्राधिकरण की ओर से पिछले कई दिनों से लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम कर चुनावी जमीन तैयार की जा रही है। लेकिन दूसरी ओर आमजन को आवास देने के लिए जो वादे किए गए थे उनमें देरी होने से कई चुनावी गणित बिगडऩे की भी आशंका है। करीब 11 हजार से अधिक लोग इस योजना में आवास मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
बजरी की कमी बताया जा रहा कारण
अधिकांश आवास योजनाओं के काम 50 प्रतिशत के आस-पास आकर अटक गए हैं। इसका प्रमुख कारण बजरी की कमी को बताया जा रहा है। इनमें लोगों को फ्लैट का कब्जा देने का काम चुनाव से पहले किया जाना था। लेकिन अभी तक लोगों को अपने आवास नहीं मिल पाए हैं। अब आचार संहिता के दौरान मकान तैयार होने हैं तो लोकार्पण व उद्घाटन पर संकट होगा। ऐसे में इन लाभार्थियों को बिना औपचारिकता ही मकान हस्तांतरित करने होंगे।
ये प्रमुख योजनाएं हैं पाइप लाइन में
- आंगनवा जन आवास योजना में आर्थिक दृष्टि से कमजोर, अल्प आय वर्ग और मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए 75 फ्लैट बनाकर दिए जाने हैं।
- चौखा में आवासीय योजना 700 से अधिक लोगों को लाभांवित करना है।
- तनावड़ा द्वितीय चरण में 800 से अधिक लोगों के लिए आवास बनने हैं।
- लोरडी पंडितजी आवासीय योजना में 7 हजार से अधिक लोगों को लाभांवित किया जाना है।
- ग्राम बड़ली में 3 हजार से अधिक लोगों के लिए आवास बनने हैं।
इनका कहना...
आवासीय योजना की प्रगति कुछ दिन पहले ही देख कर आया हंू। बीच में बजरी के कारण काम रुक गया था। लेकिन अब पुन: तीव्र गति से काम करवाया जा रहा है। आवंटन पहले हो चुका है। ऐसे में चुनावी आचार संहिता इस काम में आड़े नहीं आएगी। जैसे-जैसे मकान बनते जाएंगे लोगों को कब्जा दे दिया जाएगा।
- डॉ. महेन्द्र राठौड़, अध्यक्ष, जोधपुर विकास प्राधिकरण
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