जोधपुर। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए मतों की गणना पर उठे सवालों के बीच शुक्रवार को एबीवीपी के बैनर तले 1100 छात्रों ने विवि के केंद्रीय कार्यालय के बाहर चार घण्टे तक विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता विवि प्रशासन से मतगणना में खारिज और गायब हुए मतों का हिसाब मांग रहे थे।
इस बीच एबीवीपी अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मूलसिंह ने शुक्रवार सुबह जयपुर जाकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मुलाकात की। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से जेएनवीयू को इस मामले में जांच के आदेश दिए गए। मूलसिंह ने भी मतगणना पर कुलपति व रजिस्ट्रार को 30 प्रश्नों की आपत्ति पेश की। जिसके बाद यह आपत्ति छात्रसंघ चुनाव के कोर्ट यानी ग्रीवेंस रिड्रेसल सेल को भेजी गई है।
कुलपति प्रो. राधेश्याम शर्मा ने अपने कक्ष से विवि के मुख्य द्वार पर आकर पुलिस जीप के माइक से छात्रों को संबोधित करते हुए जांच के लिए 10-12 का समय मांगा है। उसके बाद छात्र विसर्जित हुए।
गौरतलब है कि विवि के छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के चार प्रत्याशी थे। कुल पड़े 9 हजार 936 वोट में से एबीवीपी के मूलसिंह को 4161, एनएसयूआइ के सुनील चौधरी को 4170, एसएफआइ के दमाराम को 662 और एआइएसएफ के अरविंद सिंह राजपुरोहित को 224 वोट मिले थे। विवि ने कुल मतों में से करीब 569 मत खारिज कर दिए। मतगणना के दौरान कुल 9936 वोट में से 25 वोट गायब थे। सुनील चौधरी केवल 9 वोट से जीता है।
मूलसिंह का कहना है कि खारिज मतों में से अधिकांश उसके पक्ष में डले थे, इन्हें विवि ने जानबूझकर खारिज कर दिया। साथ ही 25 वोट के बारे में विवि के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रो. अवधेश शर्मा के पास कोई जवाब नहीं है।
विरोध प्रदर्शन में साथ भाजपा नेता शंभुसिंह खेतासर कहा कि अगर ये 25 वोट मूलसिंह के निकलते हैं तो जीत मूलसिंह की होती है। विवि ने गायब वोट के बारे में खुलासा करने से पहले ही सुनील की जीत की घोषणा करके चुनाव को अवैधानिक कर दिया है।
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