पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

आदिवासी बहुल भीमाणा गांव की पहाड़ियों में पुलिस से घिरने के बाद शुक्रवार दोपहर खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने वाले हिस्ट्रीशीटर खरताराम जाट का शव 43 घंटे बाद भी परिजनों ने नहीं उठाया। शनिवार सुबह परिजनों के साथ समाजबंधुओं ने भीमाणा में जाकर घटनास्थल का मौका देखा।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
from दैनिक भास्कर https://ift.tt/2O9pWqA
This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.
0 comments:
Post a Comment