गहलोत बंद कमरे में पढ़ा रहे थे एकता का पाठ, बाहर पोस्टर वार

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर.
चुनावी बिगुल बजाने आए पूर्व मुख्यमंत्री और एआईसीसी के महासचिव अशोक गहलोत ने सर्राफा बाजार ब्लॉक की बैठक ली। वे माहेश्वरी जनउपयोगी भवन में जहां एकता का पाठ पढ़ा रहे थे तो वहीं शहर में पोस्टरवार चरम पर था। उनके आने से पहले ही सचिन पायलट समर्थन के पोस्टर-बैनर लग गए। एक पूर्व पार्षद राजेश मेहता की ओर से एेसे होर्डिंग कई जगह लगा दिए गए। इसकी राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा रही। हालांकि इसके जवाब में गहलोत समर्थकों ने भी कार्यक्रम स्थल के आस-पास कई पोस्टर-होर्डिंग लगा दिए।
मुख्यमंत्री बनाने की प्रक्रिया जानते हैं
गहलोत ने यह बात भी स्पष्ट कर दी कि मुख्यमंत्री बनाने की प्रक्रिया क्या है, इसे वह जानते हैं। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में मुख्यमंत्री बनाने की प्रक्रिया देखी है। एेसे में मुझे सब पता है। इस पर लोगों ने उनके पक्ष में नारेबाजी की। उन्होंने वसुंधरा की गौरव यात्रा को विदाई गौरव यात्रा नाम दिया। साथ ही कहा कि इसके बाद वह प्रदेश में कहीं नजर नहीं आएगी। उन्होंने अपने कार्यकाल के रिफाइनरी, मेट्रो व कई फ्लाइओवर के काम रोकने के आरोप भी लगाए। मॉब लिचिंग भी भाजपा सरकार की विफलता बताया और बेरोजगारी के कारण यह घटनाएं होने के राजे के बयान की निंदा की।

भाजपा वालों को दूध की कड़ाई से निकाल रहे है मोदी

कांग्रेस समर्थित लोगों पर पड़ रहे सीबीआई छापे पड़ रहे हैं। लेकिन भाजपा के लोग सब दूध से धुले हैं। मोदी ने एक कड़ाव लगाया है और सब को उसमें से धोकर निकाल रहे हैं।

जोधपुर नहीं आती, क्या पता मैं दिख जाऊं

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर जोधपुर की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पांच साल में सिर्फ मुंह दिखाई के लिए वह जोधपुर आई है। जोधपुर से बैर इसलिए कि यहां मेरा विधानसभा क्षेत्र पड़ता है। लेकिन मैं तो यहां रहता नहीं। फिर भी उन्हें लगता है कि जोधपुर आएगी तो सामने मैं न दिख जाऊं।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2MnyQA0
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment