avinash kewalia/जोधपुर. पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की कई यादें मारवाड़ और जोधपुर से जुड़ी है। जोधपुर शहर में यूं तो वे अपने राजनीतिक जीवन में कई बार आए। लेकिन 2003 के विधानसभा चुनाव और 2004 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में उनकी चुनावी सभाएं अंतिम राजनीतिक यात्राएं थी। इससे पहले वाजपेयी 1997 में तीन दिन के लिए जोधपुर में रुके थे। यहां राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के लिए वे आए थे।
भाजपा ग्रंथालय प्रकल्प प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजेन्द्र बोराणा ने वाजपेयी से जुड़े संस्मरण बताते हुए कहा कि 1997 में जब वे भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष थे तो एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए पहुंचे थे। तब भीड़ अधिक होने के कारण अव्यवस्था हो गई। इस पर वाजपेयी नाराज हुए और सभी कार्यकर्ताओं को कतार खड़ा कर सब से मिले। इससे बोराणा नाराज हुए तो वाजपेयी को वह बात याद रही और बाद में उन्होंने युवा कार्यकर्ताओं से अलग से मुलाकात की। एयरपोर्ट से सर्किट हाउस तक उन्हें रैली के रूप में लाया गया।
खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद जसवंत सिंह विश्नोई ने बताया कि 2004 में जब वे चुनाव लड़ रहे थे तो अंतिम बार राजनीतिक यात्रा पर वाजपेयी जोधपुर आए थे। 2004 में वह सभा राजकीय उम्मेद स्टेडियम में हुई थी। उन्होंने बताया कि 4 बार वे उनके सांसद काल में जोधपुर प्रचार के लिए आए।
प्रार्थना में जुटा रहा शहर
पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थ्य सुधार की कामना को लेकर भाजपा पदाधिकारियों व नेताओं की ओर से जोधपुर शहर में आयोजन किए गए। भाजपा ग्रंथालय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजेंद्र बोराणा के नेतृत्व में शहर के खांडा फलसा स्थित दूधेश्वर महादेव मंदिर में रुद्राभिषेक किया गया। करीब 2 घंटे तक चले इस अभिषेक में पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेई के जल्द ठीक होने की कामना की गई। इधर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र गहलोत ने भी पूजा अर्चना कर वाजपेई के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
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