फलोदी उपकारागृह में चल रहा था नशे का खेल

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दरअसल फलोदी उपकारागृह से बंदियों ने शिकायत में जेलर पर जेल में रिश्वतखोरी करने सहित कई आरोप लगाए थे तथा जेलर को बर्खास्त करने की मांग की थी। एडीजे ने इस चिठ्ठी को गंभीरता से लिया तथा मंगलवार दोपहर १.४५ बजे जेल का औचक निरीक्षण करने पंहुच गए। उन्होंने पुलिस को बुलाकर वहां बैरकों की तलाशी ली, तो एक बंदी के थैले में ४५ ग्राम अफीम का दूध मिला। जेल में अफीम का दूध मिलने के साथ ही मौके पर मौजूद पुलिस ने एक बंदी को एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर लिया। बहरहाल जेल में अफीम का दूध मिलने से जहां एक तरफ जेल प्रशासन पर सवालिया निशान लग रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ जेल के बंदियों द्वारा लिखे गए पत्र ने जेलर को आरोपों से घेर लिया है।
पुलिस ने बताया कि उपकारागृह के बंदियों द्वारा की गई शिकायत के बाद आज एडीजे मालावत उपकारागृह पंहुचे तथा पुलिस को उपकरागृह बुलाया। जिस पर सीआई मदनसिंह चौहान, हैड कांस्टेबल रामाकिशन, सुरेन्द्र, ओमाराम की टीम उपकारागृह पंहुची। इस दौरान एडीजे कोर्ट के शिवप्रकाश व्यास, रमेश पुरोहित, जितेन्द्र थानवी, मनोहरसिंह सहित स्टाफ भी साथ में थे। इस दौरान जेल में बने अलग-अलग कक्ष व बैरकों की गहन तलाशी की गई, तो एक महिला बैरक जिसमें पुरूष बंदी रखे हुए थे उसमें रखे एक थैले की तलाशी में सुपारी के पाऊच में ऊपर सुपारी व नीचे अफीम का दूध पाया गया। साथ ही एक अन्य डिब्बी में भी अफीम का दूध पाया गया। पुलिस ने यहां से कुल ४५ ग्राम अफीम का दूध बरामद किया है तथा बंदी मानाराम (५०) पुत्र फरसाराम जाट, निवासी चिमराणी, सदर पुलिस थाना नागौर को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में थानाधिकारी द्वारा प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है तथा मामले की जांच एसआई पूनमाराम विश्नोई को दी गई है। गिरफ्तार आरोपी को बुधवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
लम्बी सूची है जेलर पर लगे आरोपों की-
फलोदी उपकारागृह में जेलर द्वारा अनियमितताएं करने, बंदियों को प्रताडि़त करने, रिश्वत खोरी, जेल में नशेड़ी बंदियों से वसूली करने सहित कई आरोपों को लेकर १६ बंदियों ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सहित कई न्यायिक अधिकारियों को डाक से शिकायत भेजी थी। जिसमें जेलर मुकेश राजपुरोहित पर नशा करने वाले बंदियों से १० हजार तक की वसूली करने, बंदियों को प्रताडि़त करने, पद का दुरूपयोग करने, कम खाना देने, खाना नहीं देने, बंदियों को उपकरागृह में रखने के लिए प्रतिमाह ५ हजार लेने, क्षमता से अधिक कैदी उपकरागृह में रखने, जमानत पर रिहा होने पर २-३ हजार लेने, परिचितों से मिलवाने व फोन से बात करवाने, बंदियों के साथ मारपीट करने, प्रताडि़त करने, धमकाने, चाय के लिए बंदियो से प्रतिमाह एक गैस सिलेण्डर मंगवाने, बंदियों की झूठी रिपोर्ट भेजकर उच्चाधिकारियों को गुमराह करने के आरोप लगाए गए थे। उपकरागृह के बंदियों ने शिकायत कर जेलर को बर्खास्त करने की मांग कर रखी है। (निसं)
९ माह से बंदी है उपकारागृह में-
फलोदी पुलिस द्वारा जेल से अफीम के दूध के साथ गिरफ्तार किया गया बंदी आरोपी मानाराम पुलिस थाना बाप के वर्ष २०१५ के एनडीपीएस एक्ट के मामले में ९ माह पूर्व गिरफ्तार हुआ था तथा तब से फलोदी उपकारागृह में विचाराधीन बंदी है। गौरतलब है कि मानाराम २०१५ में पुलिस द्वारा ८.५ क्लिंटल डोडा पोस्त जब्त किए जाने के बाद फरार हो गया था।
जेल में कैसे पंहुचा अफीम-
जेल में अफीम मिलने के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस ये पता लगाएगी कि आखिर जेल में अफीम का दूध कैसे पंहुचा?



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