इस स्कूल के गुरुजी चट कर गए बच्चों का मिड डे मील, इस निरीक्षण में खुली पोल!

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अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. जिले की शेरगढ़ तहसील में अनोपसिंह की ढाणी राजकीय प्राथमिक स्कूल (तेना) में एक साल से विद्यार्थियों को मिड डे मील नहीं दिया गया। जबकि शिक्षा विभाग स्कूल को लगातार राशि का भुगतान कर रहा है। स्कूल में सरकारी राशि के आय-व्यय संबंधी कोई अभिलेख, रोकड़ बही, बैंक पासबुक, वाउचर उपलब्ध नहीं है। शिक्षा विभाग की जांच में यह खुलासा होने पर पैराटीचर रिडमलसिंह को एपीओ कर दिया है। बीईईओ शेरगढ़ दिसंबर 2017 व पीईईओ शेरगढ़ के मई 2018 में किए गए निरीक्षण में स्कूल में मिड डे मिल पकना नहीं पाया गया। जबकि स्कूल से मिड डे मील के विभिन्न मदों से राशि मांगी जाती है।

 

शिक्षा विभाग ने गत 24 जुलाई को शेरगढ़ बीईईओ शंकरसिंह राठौड़, तेना पीईईओ मनोहरसिंह सोढ़ा, पीईईओ शेरगढ़ जैतसिंह और सहायक लेखाधिकारी (द्वितीय) सुरेन्द्रकुमार आर्य को मामले की जांच सौंपी थी। इसमें सामने आया कि स्कूल को अक्टूबर 2016 से जून तक विभिन्न मदों में 68 हजार 54 रुपए का भुगतान किया गया। इस राशि के खर्च का स्कूल में कोई रिकॉर्ड नहीं है। इस कारण अधिकारी जांच को अंतिम रूप नहीं दे पा रहे हैं। जांच के दौरान उपस्थिति रजिस्टर में कक्षा 2 में 6 और कक्षा 5 में 1 विद्यार्थी का नाम दर्ज था और स्कूल में निरीक्षण के समय 6 विद्यार्थी उपस्थित मिले। जबकि एमडीएम पोर्टल पर विद्यालय का नामांकन 32 बताया गया।

हर जगह पोल

स्कूल में मैनेजमेंट कमेटी है या नहीं, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। स्कूल में अध्यापक महेश कुमार मीणा और पैरा टीचर रिडमल सिंह कार्यरत हैं। निरीक्षण के समय मीणा तो उपस्थित मिले, लेकिन पैराटीचर 21 से 24 जुलाई तक बिना सूचना के अनुपस्थित पाया गया। स्कूल में मीणा के पदस्थापन अगस्त 2017 से अब तक पोषाहार नहीं बनाया गया। संदेह है कि इससे पहले भी पोषाहार नहीं पकता होगा। विद्यार्थी स्कूल में भोजन साथ लेकर आते हैं। स्कूल में कोई कुक कम हैल्पर नहीं मिला, जबकि उसका भी भुगतान हो रहा है। बच्चों को दूध भी नहीं पिलाया जाता। स्कूल में गैस कनेक्शन भी उपलब्ध नहीं मिला। गेहूं और चावल के रिकॉर्ड भी सही नहीं पाए गए।

इनका कहना...


पैराटीचर को एपीओ कर उसका मुख्यालय राउमावि शेरगढ़ कर दिया गया है। पैराटीचर की नियुक्ति ग्राम पंचायत से होती है। इसको हटाने के लिए कार्रवाई करेंगे। एफआइआर दर्ज कराने के लिए प्रमाण की जरूरत है। लेकिन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। देखने की बात ये है कि पैसा कितना उठाया है या जमा है।

- धर्मेन्द्रकुमार जोशी, डीईओ प्रारंभिक



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