अगर आप किसी जनप्रतिनिधि के घर के पास नहीं रहते तो टूटी सडक़ों से गुजरना होगा

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जोधपुर.

अगर आप किसी जनप्रतिनिधि के घर के पास नहीं रहते तो आपको को गड्ढों से भरी सडक़ों से गुजरना पड़ेगा। ऐसा इसलिए कि नगर निगम शहर में बारिश के बाद सडक़ों पर हुए गड्ढों और टूटी सडक़ों की मरम्मत का काम वहीं करा रहा है जहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारी या प्रभावशाली लोगों के घर हैं। यही वजह है कि महापौर घनश्याम ओझा, विधायक कैलाश भंसाली, जेडीए अध्यक्ष महेंद्रसिंह राठौड़, पार्षद और सफाई निरक्षकों के घर के बाहर की सडक़ की मरम्मत करवा दी गई, लेकिन इनके आस-पास की क्षतिग्रस्त सडक़ों ऐसे ही छोड़ दिया गया।
बरकतुल्लाह स्टेडियम के सामने मसूरिया क्षेत्र में रहने वाले वार्ड 20 के पार्षद व अतिक्रमण विंग के चेयरमैन भंवरलाल प्रजापति के घर के सामने और आस-पास की सडक़ क्षतिग्रस्त हो गई थी। करीब एक महिने पहले पार्षद के घर की गली में सडक़ निमार्ण का काम शुरू हुआ, लेकिन पार्षद के घर तक सडक़ बनाने के बाद काम बीच में ही छोड़ दिया गया। पड़ोस में रहने वाले लोगों ने इसका विरोध भी किया था। बलदेव नगर में रहने वाले सफाई विंग के प्रभारी व वार्ड 21 के पार्षद नंदकिशोर गहलोत के गली में सीसी सडक़ बनाई गई। लेकिन उनके सामने और पड़ोस की गली में सडक़ की मरम्मत तक नहीं हुई।

शास्त्रीनगर ए सेक्टर में विधायक कैलाश भंसाली के घर के बाहर सीसी रोड बनाई गई। लेकिन पड़ोस की तीन गलियों और पास से गुजरने वाली मुख्य सडक़ की मरम्मत नहीं की गई।

पावटा सी रोड के पास हनवंत नगर(ए) में रहने वाले जेडीए अध्यक्ष महेंद्र सिंह राठौड़ के घर के बाहर सीसी सडक़ का निमार्ण किया गया। लेकिन उनके घर के पास की तीन गलियों में एक साल पहले डामर सडक़ बनाई थी। बारिश के बाद डामर की सडक़ भी बह गई।

तीन महिने में 4 करोड़ की सडक़े बनी

नगर निगम ने मानसून शुरू होने से पर शहर की क्षतिग्रस्त सडक़ों की मरम्मत का काम शुरू किया। इस पर करीब 4 करोड़ खर्च हो चुके हैं। 4 करोड़ रुपए का काम और होना है। निगम इस साल सडक़ बनाने के नाम पर 20 करोड़ रुपए खर्च किए।

फैक्ट फाइल- एक साल में सडक़ पर हुआ खर्च
जोधपुर विकास प्राधिकरण : 40 करोड़ रुपए

नगर निगम: 20 करोड़ रुपए
पीडब्ल्यूडी: 20 करोड़ रुपए

यहां की सडक़ें सबसे बेहतर

रेजीडेंसी रोड : प्रशासनिक अधिकारियों के आवास हैं।
शास्त्रीनगर : शहर का सबसे पॉश इलाका। जनप्रतिनिधियों व प्रभावशाली लोगों के आवास हैं।

एयरपोर्ट रोड : वीआइपी का आवागमन।
हाईकोर्ट रोड : हाईकोर्ट, कलेक्ट्रेट व अन्य कार्यालय।

सड़क की मरम्मत के समय विरोध किया था, लेकिन हमारी किसी ने नहीं सुनी। जनप्रतिनिधी विकास के काम में भेदभाव कर रहे हैं।
मोहम्मद रईस, बलदेव नगर

पार्षद के मकान के बाद सड़क का निमार्ण को रोक दिया। वहां से महज २० फीट दूरी पर रोड क्षतिग्रस्त है।

महेंद्र खिंची, बलदेव नगर

प्रभावशाली लोगों के घर के बाहर सड़कों की मरम्मत हो गई। लेकिन उनके पड़ोस की गली में मरम्मत नहीं करवाई।

जितेंद्रसिंह, मसूरिया

महापौर खुद अपने घर के बाहर सड़क की मरम्मत करवा दी लेकिन पड़ोस की कॉलोनी में श्रतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत नहीं करवाई।
ओमप्रकाश, मसूरिया



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