अविनाश केवलिया/ जोधपुर. शहर व आसपास बिना अनुमति निर्माण करने वालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब देश की सुरक्षा से भी खिलवाड़ करने से नहीं चूक रहे। इन लोगों ने जोधपुर शहर के बाहरी इलाके बनाड़ क्षेत्र में रक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट के समीप प्रतिबंधित क्षेत्र तक में निर्माण करा दिए। बनाड़ क्षेत्र में सैन्य गोला बारूद के गोदाम हैं। यहां मुख्य रोड और रेलवे पटरी किनारे जाजीवाल गांव जाने वाले मार्ग पर बारूद गोदाम के समीप ही कॉलोनी काटने के लिए सस्ती दरों में भूखण्ड के बोर्ड लगाकर जमीन बेचने की तैयारी कर ली गई। सैन्य अधिकारियों को जानकारी मिली तो जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) को सूचना दी। इसके बाद जेडीए ने निर्माण रुकवाया और लोगों को भविष्य में निर्माण नहीं करने के लिए पाबंद किया। लेकिन पूर्व में हो चुके निर्माण नहीं हटाए।
इसके अलावा बारूद डिपो की दीवार के समीप 2 हजार गज की सीमा में दो स्थानों पर बिना अनुमति प्रथम मंजिल का निर्माण शरू करा दिया। आधा निर्माण होने के बाद सैन्य अधिकारियों की सूचना पर जेडीए ने यहां भी काम रुकवाया। जेडीए के सहायक प्रवर्तन अधिकारी प्रवीण गहलोत और प्रवर्तन निरीक्षक संतोष पंवार ने बताया कि सैन्य अधिकारियों की सूचना पर तीन जगह निर्माण कार्य रुकवाए हैं।
नियमों के तहत उपयोग व निर्माण प्रतिबंधित
रक्षा संकर्म अधिनियम 1903 की धारा 3 के तहत 19 फील्ड गोला बारूद डिपो की बाहरी चारदीवारी से 2 हजार गज की दूरी के अंतर्गत निर्माण पर प्रतिबंध है। जिले के गांव जाजीवाल कलां, जाजीवाल भंडारिया, जाजीवाल धांडला, जाजीवाल खिंचिया, जाजीवाल कंकराला, विश्नोई ढाणी और जाजीवाल कुतरी की जमीन इसमें सम्मिलित होती है। इस संबंध के बोर्ड भी सेना की ओर से लगाए गए हैं।
कैसे है खतरा
जहां निर्माण किया जा रहा था वह भूमि रक्षा विभाग की अधिग्रहित नहीं है। लेकिन नियमानुसार गोला-बारूद गोदाम से एक निश्चित दूरी तक निर्माण नहीं कर सकते। इस निश्चित सीमा में कोई भी गतिविधि पूरे गोदाम व शहर के लिए खतरा बन सकती है। लेकिन कुछ लोग निजी स्वार्थ के कारण कई लोगों की जिंदगियां दांव पर लगा रहे हैं।
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