जोधपुर. विकास के लिए राशि खर्च करने में भी दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं। सैर-सपाटे के एेसे केन्द्र जो उजाड़ पड़े हैं उनकी अनदेखी कर शहर के चौराहों को चमकाने के लिए लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। फिलहाल शहर के तीन चौराहों पर काम चल रहा है। वहीं कुछ अन्य चौराहों पर भी राशि लगाई जाएगी।
एक ओर सैर सपाटा स्थल के बदतर हालात
आमजन के सबसे पंसदीदा सैर सपाटा स्थल में से एक शास्त्री सर्किल है। यहां लगे म्युजिकल फाउंटेन और उद्यान में सुबह और शाम सैकड़ों की संख्या में लोग आते हैं। उद्यान के चारों ओर चौपाटी भी लगती है। लेकिन पिछले कुछ समय से इन सर्किल की हालत बदतर है। इस सर्किल का आकर्षक फव्वारा व फाउंटेन अधिकांश बंद ही रहते हैं। वहीं रही सही कसर हाल ही में हुई बरसात ने पूरी कर दी। अब सर्किल के आस-पास पैदल चलने का फर्श भी उखडऩे लग गया है। बंद उद्यान के द्वार पत्रिका टीम जब शाम के समय वहां पहुंची तो उद्यान के अंदर जाने के रास्ते ही बंद थे। टिकट खिडक़ी पर कर्मचारी भी नदारद थे। कई लोग रैलिंग फांद कर उद्यान में जा रह थे वहीं बच्चे तो गेट बंद देख ही वापस लौट गए।
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दूसरी ओर दिखावे पर लाखों खर्च एक ओर पुराने सौंदर्य को सुधारने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा और दूसरी ओर शहर के चौराहों को आकर्षक बनाने के लिए लाखों रुपए लगाए जा रहे हैं। शहर में तीन प्रमुख चौराहों पर लाखों रुपए खर्च हो रहे हैं।
इन चौराहों पर लाखों खर्च
- खेतसिंह बंगला के समीप चौराहों पर कार्य चल रहा है।
- सर्किट हाउस के बाहर चौराहे पर भी लाखों रुपए लगा दिए गए हैं।
- जलजोग सर्किल भी सुधारने के नाम पर लाखों रुपए लगाए गए हैं।
दिखावे पर खर्च जनउपयोग पर नहीं
चौराहों का विकास करवाने का यह कार्य जोधपुर विकास प्राधिकरण द्वारा करवाया जा रहा है। एेसे में एक बार फिर साबित होता है जन सुविधा या जन उपयोगी कार्य पर बजट लगाने की बजाय दिखावे पर राशि खर्च की जा रही है। चौराहों पर पहले भी फव्वारे व अन्य आकर्षण लगे थे। लेकिन वह भी अब संचालन की स्थिति में नहीं है।
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