जोधपुर.
तम्बाकू सेवन से हर साल देश में साढ़े 13 लाख और राजस्थान में 77 हजार लोगों की जान जा रही है, लेकिन सरकार व सिस्टम तम्बाूक की बिक्री व सेवन पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हंै। इसलिए इस कार्य मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यह बात शनिवार को एक होटल में आयोजित मीडिया वर्कशॉप में उभर कर सामने आई।
टाटा ट्रस्ट एवं संबंध हैल्थ फाउंडेशन, गुडग़ांव की ओर से 'टोबेको फ्री राजस्थान' अभियान के तहत आयोजित मीडिया वर्कशॉप में सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. पवन सिंघल ने गेट्स सर्वे की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि तम्बाकू जनित रोगों से भारत में हर साल करीब साढ़े 13 लाख लोगों की मौत हो जाती है। देश में 26.7 करोड़ लोग तम्बाकू का सेवन करते हैं, जो कि बेहद चिंताजनक बात है।
उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि देश में हर रोज करीब 5500 बच्चे किसी न किसी रूप में तम्बाकू का सेवन करना शुरू करते हैं। डॉ. पवन ने कहा कि इस बुरी लत से बच्चों को बचाया जाना बेहद जरूरी है।
एम्स जोधपुर के ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित गोयल ने कहा कि तम्बाकू से होने वाली बीमारियों के उपचार पर देश में सालाना एक लाख चार हजार 500 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं, जबकि सरकार को महज 17 हजार करोड़ के राजस्व की प्राप्ति हो पाती है। उन्होंने धूम्रपान के दुष्प्रभाव बताते हुए कहा कि इससे पैरों की बीमारी होती है जिससे कई बार रोगी का रोगग्रस्त पैर ही काटना पड़ता है।
उन्होंने गेट्स सर्वे-2 में राजस्थान कि स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया कि प्रदेश में तम्बाकू के सेवन से करीब 77 हजार लोगों की मौत हो जाती है। तम्बाकू जनित रोगों के उपचार पर राजस्थान में हर साल 1165 करोड़ खर्च हो रहे हैं, जबकि टैक्स के रूप में राज्य सरकार को केवल 385 करोड़ का ही राजस्व मिल रहा है, ऐसे में यदि तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया जाए तो लाखों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
संबंध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ), संबंध हैल्थ फाउंडेशन(एसएचएफ) गुडग़ांव के ट्रस्टी संजय सेठ ने 'एमपावर' व कोटपा एक्ट-2013 के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। वीओटीवी की डायरेक्टर आसिमा शरीन ने वीओटीवी की कार्ययोजना के बारे में जानकारी दी।
फैक्ट फाइल : एक नजर
ग्लोबल एडल्ट टोबेका सर्वे (गेट्स) 2016-17 के मुताबिक राजस्थान में 15 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 5 करोड़ 10 लाख लोग हैं, जिनमें से 24.7 फीसदी यानी एक करोड़ 20 लाख लोग तम्बाकू जनित उत्पादों का सेवन करते हैं। इनमें 2.8 प्रतिशत अर्थात् 14 लाख लोग सिगरेट, 11.4 फीसदी यानी 58 लाख लोग बीड़ी, जबकि 14.1 फीसदी यानी 72 लाख लोग तम्बाकूजनित पदार्थों का सेवन करते हैं।
इस रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में हर साल तम्बाकू से होने वाली बीमारियों की वजह से करीब 77 हजार लोगों की मौत हो जाती है। यदि देश व विश्व के संदर्भ में बात करें तो भारत में 13 लाख 50 हजार लोगों की तम्बाकू से होने वाले कैंसर से मौत होती है, जबकि विश्व में सालाना छह मिलियन लोगों की इस बीमारी से मौत हो जाती है।
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