जोधपुर. बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) का पाठ्यक्रम दो वर्ष का करने के बाद पिछले साल सरकार ने डिग्री कोर्स व बीएड को मिलाकर चार साल का नया पाठ्यक्रम बीए बीएड/बीएससी बीएड शुरू किया, लेकिन जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय 13 महीने बाद भी चार वर्षीय पाठ्यक्रम की परीक्षा नहीं करवा सका। छात्रों का आशंका है कि चार साल का यह कोर्स कहीं पांच साल में पूरा नहीं हो।
पूरे प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2017-18 में बीए बीएड/बीएससी बीएड का चार वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू किया गया। कई जिलों के कॉलेजों ने इस कोर्स को अपनाया। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के अधीन करीब आठ कॉलेजों में यह कोर्स शुरू किया गया। कोर्स शुरू हुए 13 महीने हो गए लेकिन अभी तक परीक्षा का अता-पता नहीं है। बीएससी बीएड के छात्रों को कहना है कि उनके प्रायोगिक परीक्षाएं भी नहीं हुई है। ऐसे में नवम्बर-दिसम्बर तक उनका एक साल का कोर्स पूरा होगा। ऐसे में इस पाठ्यक्रम के पांच से अधिक समय में पूरा होने की आशंका है। छात्रों का कहना है कि जयपुर व कोटा विवि में चार वर्षीय पाठ्यक्रम की वार्षिक परीक्षाएं पूरी हो चुकी है जबकि जेएनवीयू ने अभी तक परीक्षा तिथि भी घोषित नहीं की है।
परीक्षा समन्वयक नहीं, इसलिए परेशानी
जेएनवीयू में सेमेस्टर सिस्टम लागू होने से साल भर कोई न कोई परीक्षा चलती रही है। मुख्य परीक्षाओं के अलावा पूरक परीक्षाएं, बैक परीक्षाएं भी होती है लेकिन विवि में कई सालों से परीक्षा समन्वयक का पद खाली पड़ा है। वर्तमान में गणित विभाग के प्रो. जैताराम विश्नोई को अतिरिक्त कार्य भार दिया हुआ है। शिक्षण व परीक्षा समन्वयक का काम साथ-साथ करने से विवि में परीक्षा आयोजन को लेकर अक्सर परेशानी बनी रहती है।
250 दिन की पढ़ाई के बाद होगी परीक्षा
सामान्य डिग्री में 180 दिन, बीएड में 200 दिन और बीए बीएड/बीएससी बीएड में 250 दिन की कक्षा जरुरी होती है। ऐसे में इस पाठ्यक्रम के 250 दिन पूरा होने पर परीक्षा की जाएगी। 15 अगस्त के बाद में परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा।
प्रो. जैताराम विश्नोई, परीक्षा समन्वयक, जेएनवीयू जोधपुर
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