जोधपुर में जल्द आएगा white tiger, दिनोंदिन माचिया पार्क कर रहा है बम्पर कमाई

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. कायलाना के पास स्थित माचिया जैविक उद्यान देशी विदेशी पर्यटकों के साथ जोधपुरवासियों का पसंदीदा पर्यटन स्थल बन गया है। पिछले ढाई साल में साढ़े आठ लाख लोग इस उद्यान का भ्रमण कर चुके हैं। इससे सरकार को करीब पौने तीन करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि पत्रिका की ओर से ढाई साल पूर्व माचिया जैविक उद्यान को शुरू करने के लिए समाचार अभियान चलाया था। इसके बाद 20 जनवरी 2016 को इसका उद्घाटन किया गया। उद्घाटन के बाद 30 जून 2018 तक माचिया जैविक उद्यान में आठ लाख 76 हजार दर्शकों के पहुंचने से 2 करोड़ 82 लाख 70 हजार 157 रुपए से अधिक का राजस्व अर्जित हुआ है। पर्यटन मानचित्र में जोधपुर के मेहरानगढ़, उम्मेदभवन पैलेस के बाद अपना विशेष स्थान बना चुके माचिया पार्क के एन्क्लोजर्स में टाइगर जोड़ा, 3 पैंथर, 6 लॉयन जैसे आकर्षक वन्यजीवों के अलावा मरु लोमड़ी, भालू, इंडियन वुल्फ, मगरमच्छ, घडिय़ाल, चिंकारे, काले हरिण, चीतल, रीछ सहित विभिन्न तरह के पक्षियों को निहारा जा सकता है।

दर्शकों में टाइगर जोड़ा, पैंथर-लायन परिवार दर्शकों की सर्वाधिक पसंद बने हैं। मारवाड़ के प्रथम पारिस्थितिकीय चेतना केन्द्र के रूप में 32.43 करोड़ की लागत से निर्मित माचिया जैविक उद्यान में वन्यजीवों का सतरंगी संसार सजाने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। पार्क विकास फेज-2 में 16 करोड़ रुपए का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। व्यू पाइंट और रैस्टिंग शैल्टर्स का निर्माण , वन्यजीवों को निहारने के लिए 6 वाच टावर का निर्माण तथा देश विदेश के शोधार्थियों के लिए रिसर्च हॉस्टल का निर्माण कार्य शामिल है। पार्क परिसर में स्थित माचिया किले सहित विभिन्न तालाबों, एनिकटों, व्यू पॉइन्ट्स व नेचर ट्रेल्स को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया गया तो माचिया जैविक उद्यान प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ ईको टूरिज्म स्थल बन जाएगा।

व्हाइट टाइगर लाने की तैयारी


आरएसआरडीसी अधिकारियों को माचिया जैविक उद्यान में दर्शक सुविधाएं बढ़ाने का आग्रह किया है। माचिया फेज-2 का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। सफेद टाइगर के अलावा थार के नए आकर्षक वन्यजीव भी लाए जाएंगे। माचिया में दर्शकों उपलब्ध कराई गई तमाम आवश्यक सुविधाओं को अपग्रेड किया जा रहा है।


जयकिशन जाट , उपवन संरक्षक वन्यजीव



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2JbQkgz
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment