बच्चा खरीदने के लिए लेबर रूम तक पहुंच रहे हैं अपराधी, जोधपुर में सामने आया संदिग्ध महिला का ये मामला

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जोधपुर. महिलाओं व प्रसव के लिए संभाग के सबसे बड़े उम्मेद अस्पताल के लेबर रूम में एक महिला को संदिग्ध हालात में घूमते पकड़ा गया। वह बगैर भर्ती टिकट या इलाज की पर्ची के हाथ पर कैनुला लगाए कई दिनों से लेबर रूम में रह रही थी। नवजात को जन्म देने वाली महिला से बच्चा खरीदने की बात करने पर मां घबरा गई और अस्पताल प्रबंधन को सूचित किया। खाण्डा फलसा थाना पुलिस ने रविवार को उसे गिरफ्तार कर छह माह के लिए पाबंद कराया।

 

थानाधिकारी पूरणसिंह राजपुरोहित ने बताया कि अस्पताल में संदिग्ध हालात में एक महिला के घूमने की शिकायत मिली थी। उसके हाथ पर ड्रिप चढ़ाने में प्रयुक्त होने वाली पट्टी बंधी थी, लेकिन उसके पास इलाज की कोई पर्ची नहीं मिली। उसे संदिग्ध हालात व शांतिभंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने पर उसे छह माह के पाबंद कर जमानत मुचलके पर रिहा कर दिया गया। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन की तरफ से कोई शिकायत पुलिस में नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि महिला की मां अस्पताल में ही कार्य करती है।

आरोप : कई दिन से थी लेबर रूम में, किसी ने टोका तक नहीं

सूत्रों के अनुसार लेबर रूम में गर्भवती महिला के अलावा किसी को प्रवेश नहीं है, लेकिन पकड़ में आने वाली महिला कई दिनों से लेबर रूम में रह रही थी, जबकि वह न तो गर्भवती है और न ही भर्ती। उसके पास इलाज की पर्ची या अन्य कागजात भी नहीं थे। कई दिनों तक वहां रहने के बाद भी उस पर किसी की नजर नहीं पड़ी। वह लेबर रूम में शनिवार को एक बच्चे को जन्म देने वाली मां से मिली। आशंका जताई गई कि वह नवजात खरीदने के नीयत से वहां गई। संदिग्ध महिला के बारे में प्रसूता ने अपने घरवालों को अवगत कराया। फिर लेबर रूम के कर्मचारियों को सूचना दी। रातभर महिला को वहीं रखा गया और रविवार को पुलिस को सुपुर्द किया गया। हालांकि नवजात खरीदने के नीयत से संदिग्ध महिला के लेबर रूम में घुसने की घटना की अस्पताल प्रशासन ने कोई पुष्टि नहीं की है।

पहले भी हुए विवाद


उम्मेद अस्पताल के लेबर रूम से नवजात की अदला-बदली को लेकर कई बार हंगामे व विवाद हो चुके हैं। अस्पताल के गायनिक वार्डों की सुरक्षा भी पुरुष गार्डों के जिम्मे हैं। ऐसे में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई बार सवाल खड़े हो चुके हैं। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए हैं।

 

इनका कहना है


मैं दो दिन से बाहर थी, मुझे घटना की जानकारी नहीं मिली है। जहां तक अस्पताल में सुरक्षा के रूप में पुरुष गार्डों के लगे रहने की बात है, वो रेक्सो कम्पनी ही लगा रही है। प्रमुख जगहों पर होमगार्ड की महिलाकर्मी को जिम्मेदारी दे रखी है।

डॉ. रजना देसाई, अधीक्षक, राजकीय उम्मेद चिकित्सालय, जोधपुर



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