जोधपुर. महापौर घनश्याम ओझा की ओर से नगर निगम में अनियमितताओं को लेकर एसीबी में परिवाद दर्ज कराने के बाद निगम प्रशासन की ओर से शहर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ गत दिनों जोरशोर से शुरू किया गया अभियान धीमा पड़ता नजर आ रहा है। दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को निगम की ओर से अभियान के तहत कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई। ना ही केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत, विधायक सूर्यकांता व्यास व अन्य प्रभावशाली लोगों की ओर से निगम की ओर से जारी नोटिस का जवाब पेश करने की सूचना है।
निगम बोर्ड और अधिकारियों के बीच उत्पन्न गतिरोध का असर निगम के सामान्य कामकाज और विकास कार्यों पर नजर आने लगा है। विकास कार्यों की निविदा व कार्यादेश जारी करने की प्रक्रिया भी थम गई है। एसीबी में परिवाद दर्ज करने के बाद अधिकारियों ने ऐसी फाइलों पर हस्ताक्षर करना बंद कर दिया है। ऐसी फाइलें वापस संबंधित सेक्शन को लौटाई जा रही हैं। इस बात को लेकर पार्षद चिंतित नजर आ रहे हैं।
एम्पावर कमेटी की बैठक स्थगित
निगम आयुक्त ओपी कसेरा ने सोमवार सुबह आयुक्तों और कुछ कर्मचारियों के साथ बैठक की। लेकिन शाम को महापौर की अध्यक्षता में होने वाली सरदारपुरा जोन की एम्पावर कमेटी की बैठक स्थगित कर दी गई। इस बैठक में कई प्रकरणों का निस्तारण किया जाना था लेकिन फाइलें तैयार नहीं थी। अधिकारियों व कर्मचारियों के अनुसार पिछले दिनों मुख्यमंत्री कार्यक्रम, निगम सफाईकर्मी भर्ती सहित अन्य मामलों में व्यस्तता के चलते फाइलें तैयार नहीं हो सकी। इसके साथ ही मंगलवार को शहर व बुधवार को सूरसागर जोन की प्रस्तावित बैठक पर भी प्रश्नवाचक चिह्न लग गया है।
फाइलें 'साहब' की टेबल पर
सूरसागर व शहर जोन में अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर निगम की ओर से दिए 40 नोटिस की फाइलें अब भी उपायुक्तों की टेबल पर पड़ी हैं। इन पर फिलहाल कोई एक्शन नहीं लिया गया है। इनमें केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री शेखावत, सूरसागर विधायक व्यास, आरएसएस के दो नेता के नाम जारी नोटिस भी शामिल हैं।
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