बालेसर (जोधपुर) . सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला को सरकार की कल्याणकारी योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि की दूसरी किस्त के भुगतान की एवज में तेना अस्पताल में कार्यरत आशा सुपरवाइजर प्रकाश ने दो सौ रुपए की रिश्वत ली। महिला के परिजनों ने इसका वीडियो व ऑडियो रिकार्ड कर लिया, जिसे बुधवार को क्षेत्र में वायरल कर दिया। अब महिला के पति अशोक को धमकियां मिल रही है कि ऑडियो वीडियो वॉयरल करने से कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर महिला का पति अशोक अब जिला कलक्टर के समक्ष पेश होगा।
एएनएम ने रुपए साथ लाने को कहा
वायरल ऑडियो व वीडियो से रिश्वत के मामले में आशा सुपरवाइजर प्रकाश के साथ एएनएम भगवती पंवार की भूमिका भी सामने आ रही है। खिरजां आशा दलपतनगर निवासी अशोक राम पुत्र भैराराम मेघवाल ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व उसकी पत्नी अनीता ने बच्ची को जन्म दिया था। सरकार की कल्याणकारी योजनानुसार बालिका के जन्म पर महिला को सहयोग राशि दी जाती है। डिलीवरी की पहली किस्त 3900 रुपए कुछ माह पूर्व दे दी गई।
7 जुलाई को तेना अस्पताल में कार्यरत एएनएम भगवती पंवार का फोन आया कि अनीता की डिलीवरी की दूसरी किस्त 2100 रुपए लेने के लिए अस्पताल में आए। जरूरी दस्तावेज के साथ दो सौ रुपए आवेदन शुल्क लेकर आए। पीडि़त ने बताया कि वह अपनी पत्नी सहि त दो तीन दिन बाद तेना अस्पताल में पहुंचा। वहां आशा सुपरवाइजर पद पर कार्यरत प्रकाश ने उसके दस्तावेज देखकर दो सौ रुपए ले लिए। परंतु उसकी प्राप्ति रसीद नहीं दी।
मिल रही है धमकियां
पीडि़त ने बताया कि अस्पताल में गरीब लोगों से कामकाज के लिए पैसे एेंठे जा रहे हैं। आवेदन शुल्क, फॉर्म शुल्क का बहाना बनाकर 200-300 रुपए लेना आम बात सी हो गई है। पीडि़त ने एएनएम भगवती पंवार द्वारा आवेदन के दो सौ रुपए देने की बात का ऑडियो व आशा सुपरवाईजर प्रकाश द्वारा पैसे जेब में डालने का वीडियो बना लिया। जो वायरल हो चुका है। पीडि़त ने बताया कि अस्पताल कर्मियों को वीडियो व ऑडियो बनाए जाने की जानकारी मिलने के बाद उसे धमकियां दी जा रही है।
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