जोधपुर. पिछले कई दिनों से विवादों से गुजर रहे नगर निगम में इन दिनों सारी व्यवस्थाएं चरमरा गई हंै। आयुक्त ओमप्रकाश कसेरा के तबादले के छठे दिन भी नए आयुक्त की पोस्टिंग नहीं हुई है। इस बीच निगम में कई तरह के कामकाज ठप्प हो गए है। नए आयुक्त के इंतजार में कई पत्रावलियां भी आगे नहीं बढ़ रही है, जो आगे बढ़ रही है, वे अफसरों की टेबल से वापस लौट रही है। वहीं दूसरी ओर से आरएएस अफसरों के तबादलों के चलते शहर, सूरसागर व सरदारपुरा जोन के उपायुक्त भी इंतजार में है। ज्यादात्तर उपायुक्त अपने नजदीकी स्थल पर जाने के इच्छुक है। एेसे में नगर निगम में खुद के तबादले का इंतजार कर रहे अधिकारी भी इन दिनों ज्यादा फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे है। एेसे में सिर्फ बहुत ज्यादा जरूरी फाइलों को ही अधिकारी छेड़ रहे है। तबादलों की ऊहापोह के बीच नगर निगम में कार्रवाई, वित्तिय कार्य व आदेशात्मक संबंधी सभी कार्य अटके पड़े है। उधर, ही अधिकारियों की स्थिति के मद्देनजर ज्यादात्तर कर्मचारी भी ठंडे पड़ गए है।
अतिक्रमण व सीज की कार्रवाई 20 दिन से ठंडी
वहीं जनप्रतिनिधियों को नोटिस थमाए जाने के बाद नगर निगम में कार्रवाई की रफ्तार पूरी तरह से थम गई है। हालांकि महापौर की ओर से एसीबी में परिवाद दर्ज करवाए जाने के बाद एकबारगी अधिकारी आवेश में आए थे, उसके बाद राज्य सरकार तक मामला पहुंचते ही सभी कार्रवाई थम गई। 5 जुलाई के बाद निगम में किसी तरह से कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई।
नए आयुक्त के नाम पर चर्चा
नगर निगम में इन दिनों नए आयुक्त के आने को लेकर चर्चाएं चल रही है। इसके अलावा निगम के बाहर राजनीति से जुड़े लोगों में भी नए आयुक्त के आगमन को लेकर चर्चा है। इस चर्चा में कई नाम सामने आ रहे है। जिसमें से ज्यादात्तर नाम जोधपुर रहवासियों व वर्तमान में विभिन्न कार्यालयों में आरएएस अफसरों के नाम ज्यादा सामने आ रहे है। वहीं इसके बाद जोधपुर के बाहर से तो बहुत सारे नाम है। रोजमर्रा के काम जारी आयुक्त का पिछले सप्ताह तबादला हुआ था।
नए आयुक्त की नियुक्ति होनी है
निगम में रोजमर्रा के काम चल रहे है। विशेष कार्य आयुक्त के आने के बाद शुरू हो जाएंगे। वैसे कौन आएगा और कब आएगा, ये कार्य सरकार के अधीन है।
- घनश्याम ओझा, महापौर
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