राजस्थान को नशेड़ी बना रहा है मध्यप्रदेश, डोडा पोस्त के ठेके बंद होने के बाद बढऩे लगी है तस्करी

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

विकास चौधरी/जोधपुर. नशे को पूरी तरह खत्म करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार के आदेश पर राजस्थान में भले ही 30 मार्च 2016 से डोडा पोस्त के ठेके बंद कर दिए गए हों, लेकिन डोडा पोस्त की खपत कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है। राज्य सरकार ने ठेके बंद करने से पहले नशे के आदी लोगों को कैम्प लगाकर डोडा पोस्त छुड़वाने का प्रयास किया था, लेकिन मादक पदार्थों की बढ़ती तस्करी के चलते इस कवायद का असर कहीं नजर नहीं आ रहा है। आलम यह है कि तस्करों की चांदी हो गई है। अमूमन हर दिन डोडा पोस्त से भरे दो-तीन ट्रक मारवाड़ पहुंच रहे हैं। अफीम की आसमान छूती कीमतों की वजह से यह तस्कर डोडा पोस्त के मुंह मांगे दाम वसूल कर मालामाल हो रहे हैं।

 

सीधे खेतों से भरते हैं ट्रक

पुलिस का कहना है कि तस्कर अफीम की खेती करने वाले मध्यप्रदेश के किसानों से डोडा पोस्त खरीदकर खेतों में ही जमा कर लेते हैं। जो मारवाड़ के तस्करों से 1200 या 1250 रुपए प्रति किलो में सौदा करते हैं। फिर ट्रक या अन्य वाहनों में सीधे खेतों से सप्लाई दे दी जाती है। कई बड़े तस्करों ने गोदाम तक बना रखे हैं।

55 सौ से छह हजार रुपए प्रतिकिलो


डोडा पोस्त के लाइसेंस बंद कर देने के बाद से तस्करों के वारेन्यारे हो गए हैं। जोधपुर या मारवाड़ में पहुंचने के बाद यही डोडा पोस्त चार से पांच गुना दर यानि 55 सौ से छह हजार रुपए प्रति किलो में बेच दिया जाता है। नशे की लत के चलते ग्रामीण व अन्य व्यक्ति मजबूरन मुंह मांगे दाम देने को विवश हैं।

 

चालक अनभिज्ञ: माल कहां से व किसने भराया?


डोडा पोस्त तस्करों ने मादक पदार्थ की खेप को सुरक्षित पहुंचाने के लिए पूरा नेटवर्क खड़ा कर रखा है। ट्रक की व्यवस्था होने के बाद तस्कर चालक को किसी होटल या ढाबे पर बिठा देते हैं और ट्रक खुद ले जाते हैं। किसी खेत से मादक पदार्थ भरने के बाद ट्रक को लाकर चालक के सुपुर्द कर दिया जाता है। पुलिस से बचने के लिए डोडा पोस्त के ऊपर गेहूं, प्याज व अन्य माल भरा जाता है।

अफीम के भावों ने बढ़ाई खपत


सरकारी नियंत्रण सख्त होने से बाजार में अफीम या अफीम के दूध की आपूर्ति बहुत कम हो रही है। ऐसे में अफीम के दूध के भाव करीब डेढ़ लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। ऐसे में अफीम के नशेड़ी डोडा पोस्त पीने को विवश हैं।

अधिकांश मामलों में मूल सप्लायर नामजद

मादक पदार्थ तस्करी की प्रत्येक सूचना पर कार्रवाई हो रही है। पिछले कुछ दिनों में डोडा पोस्त से भरे आधा दर्जन ट्रक व अन्य वाहन पकड़े गए हैं। एनडीपीएस एक्ट के अधिकांश मामलों में मूल सप्लायर तक पहुंचकर उसे नामजद कर पकड़ा गया है।


राजन दुष्यंत, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जोधपुर



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2mys4Mw
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment