नकल गिरोह की लाइब्रेरियन डिप्लोमा परीक्षा में जयपुर-उदयपुर तक थी मिलीभगत, यूं चला रहे थे खेल

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

विकास चौधरी/जोधपुर. कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थियों से नकल करवाने वाले गिरोह की लाइब्रेरियन की डिप्लोमा परीक्षा के लिए जयपुर व उदयपुर तक मिलीभगत थी। इस परीक्षा के लिए एक युवक को जयपुर भेजा गया था। यह गिरोह लाइब्रेरियन की परीक्षा भी ऑनशीट यानि फर्जी परीक्षार्थी से परीक्षा दिलाते थे। अनुपम कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर भीखाराम व अभ्यर्थियों के बीच मोबाइल पर वार्ता में यह खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रहे एसओजी निरीक्षक शंकरलाल ने बताया कि आरोपी कोंचिंग सेंटर के निदेशक भीखाराम जाणी, उसके सहयोगी अरुण व सुरेशकुमार विश्नोई, फोटोग्राफर रमेश प्रजापत, अभ्यर्थी रामदीन विश्नोई, रघुवीरसिंह विश्नोई, भंवरलाल विश्नोई, हरिनारायण विश्नोई, मालाराम विश्नोई, मनीष विश्नोई व निर्मल पालीवाल को कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट लेकर फिर से गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने सभी ग्यारह आरोपियों को सात-सात दिन के लिए एसओजी की रिमाण्ड पर भेजने के आदेश भी दिए। आरोपियों से पूछताछ और जांच में कई और लोगों के नाम सामने आए हैं। लेकिन गिरोह के पकड़े जाने का पता लगते ही दूसरे आरोपी भूमिगत हो गए हैं।

विश्वास ऐसे दिलाते जैसे परीक्षा से पहले चयन करा दिया


दो साल से अनुपम क्लासेज में कोचिंग कर रहे एक अभ्यर्थी के पिता ने 29 जून को भीखाराम से मोबाइल पर बात की। उसने अपने पुत्र का नाम बताया और भीखाराम से आग्रह किया कि इस बार पुलिस में उसका चयन करवाना है। तब भीखाराम ने पिता को भरोसा दिलाया कि 'ही इज सलेक्टेड।' जैसे परीक्षा से पहले ही उसने अभ्यर्थी का चयन करवा दिया हो।

लाइब्रेरियन परीक्षा के लिए युवक को जयपुर भेजा


युवक : हेलो सर।

भीखाराम : तेरे वो कल परीक्षा है। आज शाम को जयपुर निकल जाना। मेरे व्हॉट्सऐप वाले नम्बर से एडमिट कार्ड भेज रहा हूं।

युवक : लाइब्रेरियन वाली परीक्षा है क्या?

भीखाराम : हां।

युवक : कहां है?

भीखाराम : व्हॉट्सऐप पर सारा भेज दिया है। कल 9 बजे वाटिका गांधीनगर, जयपुर में एक दिन के एग्जाम है। वहां पर 4 फोटो, आधार कार्ड लेकर जाना है । वो जैसी परीक्षा करवाते हैं कर लेना और कॉपियां भर देना।

युवक : ठीक सर।

कोचिंग सेंटर के निदेशक के सहयोगी अरुण व एक अन्य युवक की बातचीत

 

युवक : सर, नमस्कार।

अरूण : आदेश करो।

युवक : जी सर।
अरूण : लाइब्रेरियन का कोई होशियर बंदा चाहिए। परीक्षा दिलवानी है।

युवक : अबकी बार सेंटर पर जैमर लग जाएंगे।

अरूण : उनसे कुछ नहीं होने वाला।

युवक : वैसे करने वाला आधा घंटा पहले कर देवे और जैमर चालू होने से पहले।

अरूण : चलो ठीक उदयपुर वाली पार्टी से मीटिंग करके आता हूं। फिर बात करता हूं।

युवक : ठीक है।

छह लाख रुपए में भी नहीं माने

 

युवक : सर नमस्कार।

अरुण : हां बोलो।

युवक : सर, लाइब्रेरियर में करवा दो। क्या मामला बैठ जाएगा?

अरुण : मामला बैठ जाएगा। पर छह लाख रुपए में तो मामला नहीं बैठेगा।

युवक : सर, एग्जाम से पहले एक लाख।
अरुण : नहीं, सोमवार तक दो लाख कर दो।युवक : मैं पूछ लेता हूं।

अरुण : ठीक है, पूछ लो। फिर फोटो मिक्सिंग करवा लेता हूं। आप बात कन्फर्म करवा दो और सोमवार को पेमेंट करा दो।

युवक : ठीक है, पूछ लेता हूं।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2Lhgq3m
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment