थानो में नहीं पर्याप्त नफरी, तो कैसे होंगे पुलिस अभियान सफल?

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बिलाड़ा (जोधपुर) . पुलिस बेड़े में भर्ती नहीं किए जाने के कारण बिलाड़ा वृत पुलिस के पास लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। न ही समय-समय पर चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान में लक्ष्य अर्जित कर पा रहे है। हाल ही में भगोड़ों, इनामी, हार्डकोर अपराधियों की गिरफ्तारी का अभियान चलाया जा रहा है लेकिन थानों में वांछित नफरी नहीं होने के चलते यहां अभियान अब तक अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाया।

 

 

बिलाड़ा वृताधिकारी सेठाराम बंजारा भी नफरी की कमी के चलते अपेक्षित सफलता न मिलने की बात स्वीकार करते है। वे बताते है कि बिलाड़ा वृत के जितने भी थाने आजादी के दौरान स्थापित किए गए और उस समय की जरूरत के मुताबिक जो नियुक्तियां की गई थी, आज उन नियुक्तियों के अनुसार भी थाने में न तो थानेदार है और न ही सहायक निरीक्षक, हैडकांस्टेबल और कांस्टेबल कार्यरत है। नफरी बढ़ाने की बात तो अलग है। आजादी के सात दशक बाद भी थानों में नियुक्तियां नहीं बढ़ाई गई है।

 

लक्ष्य से आधी हुई गिरफ्तारियां

जिला देहात पुलिस अधीक्षक दुष्यंत कुमार के निर्देश पर जिले भरे में वर्षो से फरारी काट रहे, भगोड़े, मादक पदार्थो की तस्करी करने के आरोपी, ठगी, लूट, बलात्कार एवं हिस्ट्रीशीटरों की धरपकड़ का अभियान शुरू किया गया तथा जिले के सभी वृताधिकारियों को सख्त हिदायत के साथ थानों में चल रही पेन्डेन्सी को निपटाने तथा फरार चल रहे अभियुक्तों की गिरफ्तारी का लक्ष्य दिया गया, लेकिन पुलिस चौकियों, थानों में पर्याप्त पुलिस कर्मियों एवं अधिकारियों के न होने से लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाए।

 

सर्वाधिक गिरफ्तारी बिलाड़ा थाने की

वृताधिकारी सेठाराम बंजारा के अनुसार पखवाड़े पूर्व से चल रहे धरपकड़ अभियान के तहत अब तक सर्वाधिक 68 आरोपियों को बिलाड़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिनमें कई अभियुक्त पुलिस के मोस्टवांटेड एवं कुर्की वारंटी भी थे। तिलवासनी के शंकरिया जिसकी जिला पुलिस को अठारह मामलों में तलाश थी, को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पीपाड़ थाना पुलिस ने 49 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जिनमें शातिर ठग रामचन्द्र पोकरराम निवासी चोढा तथा दिनेश चौकीदार जिस पर छह अलग-अलग मामलों में स्टेडिंग वारंट निकले हुए थे, को भी गिरफ्तार कर लिया गया। भोपालगढ थाना पुलिस ने 21 अभियुक्तों को तथा बोरून्दा थाना पुलिस ने दस अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, इस प्रकार वृत के सभी थाना पुलिस द्वारा 145 अभियुक्तों की गिरफ्तार कर उन्हें वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश डॉ. दूडाराम खोखर के न्यायालय में पेश किया गया।

 

थानों व चौकियों में स्टाफ नहीं

वर्ष 1947 की आजादी के पश्चात बिलाड़ा थाने में एक पद थानाधिकारी,चार पद थानेदार, ग्यारह पद सहायक निरीक्षक, चार पद हैड कांस्टेबल के सृजित किए गए तभी से स्वीकृत पद संख्या यही चली आ रही है। मगर वर्तमान में दो थानेदार के , नौ पद सहायक निरीक्षक के तथा कई पद पुलिस जवानों के रिक्त पड़े है। यही हाल चिकित्सालय चौकी के, मुख्य चौकी के, खेजड़ला चौकी के है तथा कापरड़ा में अस्थाई रूप से स्थापित की गई पुलिस चौकी के लिए बिलाड़ा थाने से एक थानेदार, एक सहायक निरीक्षक, एक हैड कांस्टेबल तथा पांच सिपाही लगाए जाने के जिला मुख्यालय पुलिस से निर्देश मिले लेकिन कापरड़ा चौकी मात्र एक जवान के हवाले चल रही है।

 

नफरी हो तो गिरफ्तारी ज्यादा होती

हार्डकोर अपराधियों, कुर्की वारंटियों, मादक पदार्थो के तस्कर के तस्करों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया गया और अभियान के तहत डेढ सौ के करीब आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अगर उनके वृत के सभी थानों में पर्याप्त नफरी होती तो गिरफ्तारी का आंकड़ा तीन गुना हो सकता था।
-सेठाराम बंजारा, पुलिस उप अधिक्षक बिलाड़ा वृत



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