सब्सिडी के मूंग बीजों के वितरण में घपले की बू!

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पीपाड़सिटी/जोधपुर. राज सीड्स ने चुनावी साल में राज्य सरकार की ओर किसानों को सब्सिडी पर घटिया मूंग बीजों की आपूर्ति कर गड़बड़ कर दी। इस कारण किसानों में आक्रोश फैल रहा है। वहीं सब्सिडी के खेल में घपले की बू भी आने लगी है।

मानसून को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को मूंग फसल के लिए सब्सिडी के बीजों के लिए परमिट जारी किए। जिनसे गरीब किसानों को बुवाई के लिए सस्ता बीज मिल सके। राज्य सरकार ने सब्सिडी पर मूंग बीजों की आपृर्ति के लिए राज सीड्स को जिम्मेदारी दी है।

उसने सहकारी संस्थाओं से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जो मूंग बीज भेजा। वो घटिया गुणवत्ता का है। ऐसे में सब्सिडी के इस बीज से मूंग उत्पादन वृद्धि की संभावना पर सवाल खड़ा हो गया। मूंग के बीज भीगे होने के साथ कीड़ों की शरणस्थली के रूप में देखे जा रहे है।


किसानों के साथ खिलवाड़

गुणवत्ताविहीन दिख रहे मूंग बीजों के पैकेट को सहकारी कार्मिक और कृषि अधिकारी सही बताकर सब्सिडी की आड़ में पल्ले डाल रहे है।

राज सीड्स की ओर मूंग के आईपीएम 2-3 के पैकेट जो एक बार अवधि पार हो चुके है। उनको रिटेस्ट का लेबल लगा अगस्त 2018 तक बुवाई के लिए उचित बता रहे है। राज्य बीज निगम अध्यक्ष के गृह जिला में 30 प्रतिशत बेकार बीजों को शामिल कर सब्सिडी से गरीब किसानों को बेचने की रणनीति से घपले की संभावना बढ़ गई है।

 

राज्य सरकार के न्याय आपके द्वार शिविरों में भी सब्सिडी के मूंगों की गुणवत्ता पर सवाल उठे। तब उपजिला कलक्टर रिछपाल सिंह बुरड़क ने कृषि विभाग को घटिया बीज मामले को लेकर निर्देश दिए थे। उनको भी अनसुना कर गरीब किसानों को परमिट जारी करने से राज सीड्स और कृषि विभाग में मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता।


बीज एक श्रेणी तीनसब्सिडी पर परमिट से दिया जाना वाला मूंग बीज की क्वालिटी एक ही है। उसे अलग अलग श्रेणी और कीमत पर बेचा जा रहा है। एक सौ रुपए किग्रा मूल्य के मूंग बीजों पर 25 रुपए ,60 रुपए व पचास रुपए की सब्सिडी राशि के अलावा शेष कीमत किसानों से वसूल की जा रही है। सब्सिडी राशि कृषि विभाग अलग से राज सीड्स को देगा। बीज ग्राम योजना में प्रति किसान को 8 किग्रा मूंग बीज 40 रुपए किग्रा की दर से दिया जा रहा है। इसमें 60 रुपए प्रति किग्रा सब्सिडी है।

 

इन्होंने कहा


राज सीड्स की ओर ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को सब्सिडी का घटिया बीज बेचा जा रहा। जो किसानों के साथ खुला खिलवाड़ है।

-करणा राम दुकतावा, पूर्व उपाध्यक्ष कृषि मंडी, पीपाड़सिटी

 

सब्सिडी के तीस प्रतिशत मूंग बीज बुवाई लायक नहीं है। इन बीजों से कृषि उत्पादन पर विपरीत असर पड़ेगा।

-बाबूलाल लीलड़, पूर्व सरपंच, साथीन।

राज सीड्स ने ये मूंग बीज अजमेर से मंगवाए है। शिकायत पर जांच की कार्रवाई की जाएगी।

-रेखा चौहान, केंद्र प्रबंधक, राज्य बीज निगम, मंडोर, जोधपुर।



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