जोधपुर। कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर दो स्थित निजी छात्रावास में बुधवार रात बच्चों के वरिष्ठ चिकित्सक ने दो साथियों के साथ मिलकर बच्चों की बेल्ट व डण्डों से मारपीट की। वारदात के समय बच्चे खाना खा रहे थे। कई बच्चों को कमरे में बंद कर पिटाई की गई। बच्चों के विरोध जताने पर तीनों कार में गायब हो गए। पांच बच्चे घायल हुए हैं। देर रात बच्चे केबीएचबी थाने पहुंचकर बिलख उठे। पुलिस देर रात चिकित्सक के मकान पर पहुंची, लेकिन वो नहीं मिले।
थानाधिकारी आनंदसिंह राजपुरोहित के अनुसार सेक्टर दो स्थित आदर्श खेतेश्वर छात्रावास है, जहां रात को नाबालिग बच्चों से मारपीट की गई है। देवेन्द्र सिंह, कुणाल सिंह, मदनल सिंह, अंकुश सोनी, मदन सिंह और मोहजत सिंह घायल हुए हैं। छात्रावास संचालक जेठूराम राजपुरोहित की तरफ से डॉ अनुराग सिंह व दो अन्य के खिलाफ छात्रावास में घुसकर मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया है।
देर रात पुलिस सरस्वती नगर स्थित चिकित्सक के मकान पहुंची, लेकिन वो नहीं मिले। खुद की इमारत में बच्चों से नुकसान पर की पिटाई छात्रावास निवासी प्रथम वर्ष के छात्र शेर सिंह ने बताया कि उम्मेद अस्पताल में डॉ अनुराग सिंह की सेक्टर दो में इमारत है। जो किराए पर दे रखी है, जहां भूतल व प्रथम तल पर कोचिंग संस्थान है और उसके ऊपर छात्रावास है। रात को डॉक्टर सिंह व दो अन्य वहां पहुंचे। तब बच्चे खाना खा रहे थे। आते ही उन्होंने बच्चों से मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने बेल्ट से बच्चों की पिटाई की। बच्चे भागने लगे तो पास ही कमरे में बंद कर दिया और मारपीट करने लगे।
आरोप है कि तीनों ने बेल्ट व डण्डों से पिटाई की। जिससे पांच बच्चे घायल हो गए। इमारत में चिकित्सक की टेबल टेनिस खेलने में प्रयुक्त होने वाली टेबल रखी है। जो बच्चों से टूट गई थी। इससे गुस्साए चिकित्सक ने बच्चों से मारपीट की। बच्चे चीखे-चिल्लाए तो पड़ोसी बचाने आए, तीनों भागे चिकित्सक व दो अन्य की पिटाई बढऩे लगी तो बच्चों ने प्रतिरोध किया। कई बच्चे जोर-जोर से चिल्लाने लगे। यह सुनकर सामने ही ऑफिस में मौजूद धर्मेन्द्र काला व अन्य लोग छात्रावास में पहुंचे। तब तक संचालक जेठूराम भी वहां आ गए। यह देख तीनों आरोपी मौका पाकर कार में बैठकर निकल गए।
बाद में पुलिस सरस्वती नगर में चिकित्सक के आवास भी पहुंची, लेकिन वो नहीं मिले। एक बच्चे को खिडक़ी से फेंकने का प्रयास करने का आरोप छात्रावास संचालक जेठूराम का आरोप है कि आरोपियों की पिटाई से बच्चे चीखने चिल्लाने लगे। वार्डन व एक शिक्षक से भी मारपीट की गई। एक आरोपी ने एक बच्चे को खिडक़ी से नीचे फेंकने की कोशिश भी की, लेकिन वार्डन व अन्य ने उसे बचा लिया। बिलख उठे बच्चे, दिखाए चोटों के निशान मारपीट को लेकर छात्रावास के बाहर भीड़ जमा हो गई। पुलिस भी मौके पर पहुंची।
मारपीट से सात-आठ साल के बच्चे इस कदर घबरा गए कि पुलिस को देख बिलख उठे। बाद में सभी थाने पहुंचे, जहां आप बीती सुनाते-सुनाते बच्चे और ज्यादा रोने लग गए। थानाधिकारी आनंद सिंह ने उन्हें शांत कराया।
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