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राजस्थान के बाड़मेर से सटी भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 1992 में हुई तारबंदी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि भारत की 66 वर्षीय महिला रेशमा के शव को लाने के लिए मुनाबाव-खोखरापार सड़क मार्ग खोला गया। मंगलवार को पाक रेंजर्स ने दोपहर करीब 12:50 बजे रेशमा का शव बीएसएफ के जवानों को सुपुर्द किया। शव देने के बाद ताबूत से लिपटकर बेटा शायब रो पड़ा। बोला- 'पाकिस्तान में जेल की तरह कैद था अब आजाद हुआ हूं। मां को अपनी ही धरती पर सुपुर्द ए खाक करेंगे।'
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