रणवीर चौधरी/जोधपुर. महापौर घनश्याम ओझा की ओर से एसीबी में परिवाद दर्ज कराने के बाद नगर निगम का माहौल एकदम बदल गया है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। पहले महापौर कहते थे कि वे काम करवाना चाहते हैं पर अधिकारी उनकी नहीं सुनते। अब अधिकारी इतने सक्रिय हो गए हैं कि पिछले एक हफ्ते में ही अवैध निर्माण कार्यों के खिलाफ दो दर्जन कार्रवाई कर डाली। ये कार्रवाइयां भी उन्हीं के खिलाफ हो रही हैं जिनके बारे में जनप्रतिनिधियों ने कार्रवाई नहीं करने के लिए सिफारिश की थी। यह दौर कितना लंबा चलेगा यह तो नहीं पता, लेकिन महापौर और निगम अधिकारियों के बीच विवाद का सबसे ज्यादा असर निगम के रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ा है। आमजन परेशान है। उनकी सीवरेज, नाले, अतिक्रमण, गंदगी, रोड लाइट और टूटी-फूटी सड़कों की शिकायत पर कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।
इन 3 मामलों से समझें आमजन की पीड़ा
1. नोटिस भेज खानापूर्ति
वार्ड नंबर 38, कबूतरों के चौक में रहने वाले विजय कुमार ने बताया कि उनके पड़ोस में एक मकान मालिक ने अनुमति लिए बिना चार मंजिला मकान का निर्माण शुरू करवा दिया। छोटे से प्लॉट पर चार मंजिला निर्माण देख लोगों ने महापौर और आयुक्त को शिकायत की। दोनों कार्रवाई का आश्वासन देते रहे। 4 से 5 बार शिकायत करने के बाद निगम ने मकान मालिक को एक नोटिस भेज खानापूर्ति कर दी।
2. दो वार्डों के बीच खुले नाले की अनदेखी
वार्ड 15 प्रतापनगर क्षेत्र में संजय सी कॉलोनी में रहने वाले जगदीश चंद्र के घर के पास से निकलने वाला नाला पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। नाले में पत्थर गिरने से आए दिन सीवरेज का पानी ओवरफ्लो होकर रोड पर बहने लगता है। नाला वार्ड 17 और 18 के बीच होने के कारण दोनों वार्डों के पार्षद नहीं सुनते। जगदीश चंद्र 2 साल से महापौर और सफाई निरीक्षक से शिकायत कर रहे हैं। इसके बाद भी न तो नाला ढका गया, ना मरम्मत करवाई। गौरतलब है कि गत वर्ष बारिश के दौरान शहर के एक खुले नाले में बहने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। अब दोनों वार्डों के लोगों को भी हादसे का अंदेशा है।
3. सबसे शिकायत की, समाधान अब तक नहीं
नागौरी गेट में किला रोड पर गोपाल भवन के पास रहने वाले महेश कच्छावाह ने बताया कि क्षेत्र में सीवरेज लाइन में लीकेज के कारण गंदा पानी रोड पर बहता है। पिछले 10 दिन से लोग घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। महापौर को शिकायत की तो उन्होंने बोला अधिकारियों को भेजता हूं। अधिकारी से बात करने पर वे कहते हैं कर्मचारियों को भेजते हैं और कर्मचारी हर बार काम अधूरा छोड़कर चले जाते हैं।
पिछले 5 दिन में 470 शिकायतें
निगम में पिछले पांच दिनों में सीवरेज, गंदगी, कचरे, अवैध निर्माण, अतिक्रमण, बिजली से संबंधित करीब 470 शिकाएतें आई। इनमें से सबसे ज्यादा 150 शिकायतें सीवरेज संबंधी आई। लेकिन इनमें से महज 80 शिकायतों पर कार्रवाई की गई। बाकी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
इनका कहना है
मैं तो पहले भी कहता था, शिकायत की जांच कर गलत के खिलाफ कार्रवाई करें। पहले बड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें, गरीब को परेशान न करें। पहले से कार्रवाइ करते तो अब एक साथ इतनी कार्रवाई नहीं करनी पड़ती। मेरे पास जो भी शिकायत आती है, मैं जांच के लिए भेज देता हूं।
महापौर, घनश्याम ओझा
हम अचानक से कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। काफी समय से अवैध निमार्ण की लिस्ट बनवाई जा रही थी, उसके बाद अब कार्रवाई की जा रही हैं। हमारे पास शिकायत आएगी तो कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम आयुक्त, ओपी कसेरा
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2tVVngk
0 comments:
Post a Comment