लॉरेंस गैंग के विक्का के कोर्ट में दिए बयान से पुलिस भी दुविधा में

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जोधपुर.

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या छ: के न्यायाधीश बन्नालाल जाट की अदालत में मंगलवार को शहर में रंगदारी के लिए फोन पर धमकियां देने व फाइरिंग व हत्या जैसे मामलों में आरोपी लॉरेंस गैंग के सदस्य विक्रमजीत सिंह उर्फ़ विक्का की ओर से सोमवार को पेश की गयी अर्जी को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में वॉयस सेम्पल देने को कहा। लेकिन कोर्ट में विक्का ने खुद अपनी पैरवी करते हुए यह कहते हुए इनकार कर दिया कि उसने हाईकोर्ट के आदेशों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की हुई है, जिसके निर्णय के बाद ही वॉयस सेम्पल का निर्णय किया जा सकता है। हालांकि पुलिस ने वॉयस सेम्पल के लिए एफएसएल की टीम भी कोर्ट में बुला ली थी, लेकिन विक्का के इनकार करने के बाद कोर्ट ने पुलिस को जबरदस्ती वॉयस सेम्पल लेने से रोक दिया।

मंगलवार को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के साथ विक्का को सुबह न्यायालय में पेश किया । वकीलों की हड़ताल के चलते विक्का के अधिवक्ता सामने नहीं आ कर उसे वॉइस सैंपल लेने के खिलाफ एक अर्जी लिखवाई। विक्का ने इस अर्जी को कोर्ट में पेश किया। इस पर न्यायाधीश ने इस अर्जी को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उच्च न्यायालय ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं तथा सुप्रीम कोर्ट ने किसी तरह की रोक नहीं लगाई है । लेकिन इसके बावजूद विक्का ने सैंपल देने से स्पष्ट तौर पर मना कर दिया । विक्रमजीत ने कोर्ट से फिर कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ उसके अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगा चुके हैं तथा उस पर ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सुनवाई होगी। तब तक वह अपना वायँस सैंपल नहीं देना चाहता । इसके बाद कोर्ट ने पुलिस से जबरदस्ती वॉइस सैंपल नहीं लेने का आदेश दिया ।

एफएसएल टीम लौटी बैरंग

पुलिस ने पिछले दिनों राजस्थान उच्च न्यायालय में सीआरपीसी की धारा 482 के तहत एक याचिका पेश कर विक्का के वायँस सैंपल लेने की गुहार की थी । सरकारी अधिवक्ता ने पैरवी करते हुए कहा की विक्का कई गंभीर अपराधों में लिप्त था जिसकी पुष्टि उसकी कॉल रिकॉर्डिंग से की जानी है इसलिए उसका वॉइस सैंपल लिया जाना अनुसंधान के लिए आवश्यक है । उच्च न्यायालय ने विक्का के वॉयस सैंपल निचली अदालत के आदेश पर लेने का निर्णय दे दिया था । इस पर पुलिस अधिकारियों ने तुरंत जयपुर से विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को जोधपुर बुला लिया था तथा आज विक्का को कोर्ट में पेश कर दिया । पुलिस को उम्मीद थी कि कोर्ट के निर्णय मिलने पर एफएसएल की टीम को विक्का का वॉइस सैंपल ले लिया जाएगा । लेकिन कोर्ट ने विक्का का वायँस सैंपल जबरदस्ती नहीं लेने के आदेश दे दिया। इस पर विधि विज्ञान प्रयोगशाला जयपुर की टीम बैरंग लोट गई।

अब आगे क्या

सरकार की ओर से नियुक्त विशिष्ट लोक अभियोजक शंकरलाल सिनावडिया ने कहा कि अब सरकार विक्का के खिलाफ उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका जल्दी पेश करेगी। उधर विक्रमजीत सिंह द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में राजस्थान उच्च न्यायालय के खिलाफ लगाई गई एसएलपी की सुनवाई जुलाई में होने की संभावना है ।



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