'बिज्जी` की कहानी `दुविधा` का पुणे में मंचन

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बोरुन्दा (जोधपुर). पद्मश्री विजयदान देथा 'बिज्जी' द्वारा लिखित कहानी 'दुविधा` का भारतीय फिल्म संस्थान पुणे के मुख्य थियेटर में मंचन हुआ।

दो दिवसीय कार्यक्रम में निदेशक अजय कुमार ने पारम्परिक शैली, कथा गायन व वाचन में प्रस्तुति को निर्देशित किया। जहां एक अभिनेता कई पात्रों के साथ-साथ गायक व संगीतकार भी काम करता है।

 

अजय कुमार के निर्देशन में दस कलाकारों ने निमिषा नायर, अविनाश सोनी, गिरीशकुमार सिंह, अक्षय ने अभिनय किया। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों का दर्शकों ने खड़े होकर करतल ध्वनि से स्वागत किया।

 

भारतीय फिल्म संस्थान पुणे के डीन अमित त्यागी ने मुख्य अतिथि महेन्द्र देथा एवं कोमल मेहरु बोरुन्दा को गुलदस्ता भेंट कर अभिनन्दन किया। महेन्द्र देथा ने दुविधा कहानी के नाटक मंचन के कलाकारों को नगद पुरस्कार भी प्रदान किया।

 

उल्लेखनीय है सबल प्रोडक्शन्स के तहत निर्माता महेन्द्र विजयदान देथा ने पद्मश्री विजयदान देथा की कहानियों पर पहले दौर में पांच लघु फिल्में बनाई हैं, जो प्रदर्शन के लिए तैयार हैं। वहीं चार और कहानियों पर लघु फिल्में बनने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इन नौ लघु कहानियों के माध्यम से पद्मश्री विजयदान देथा के साहित्य को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

मुम्बई के मड आईलैण्ड में शूट की गई पद्मश्री देथा द्वारा लिखित पुश्तैनी तलवार, खुशी का पश्चाताप, हवाई झगड़ा, मैं पड़ी चूल्हे में तथा मूंछ मूंछ का अन्तर लघु फिल्मों का निर्देशन आकांक्षा गोस्वामी व छायांकन राजखिलानी ने किया है। पटकथा व संवाद अंजनी श्रीवास्तव के हैं।

 

इस माह होगा प्रीमियर


निर्माता महेन्द्र देथा ने बताया कि दूसरे दौर की शूटिंग शुरू कर दी गई है, जिसमें ये गांव के गंवार लोग तथा जीभ का रस टपके अभी पूरी होने कगार पर है। ये लघु फिल्में हिन्दी भाषा में बनी हैं लेकिन परिवेश, संस्कृति व पृष्ठभूमि राजस्थान की ही है। इन सभी नौ फिल्मों का इसी माह में मुम्बई में प्रीमियर आयोजित किया जाएगा।



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