अस्पताल प्रशासन की लापरवाही बढ़ा रही कैंसर मरीजों की पीड़ा, ऊपर से पंखे की हवा में कोबाल्ट थैरेपी

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- रेडियो थैरेपी विभाग के चार वर्षों पुराने एयर कंडीशनर खराब, बाजार में इनके पाट्र्स भी अनुपलब्ध

 

कुणाल पुरोहित/जोधपुर. संभाग के सबसे बड़े एमडीएम अस्पताल में एक माह से कैंसर मरीजों को पंखे की हवा में कोबाल्ट थैरेपी दी जा रही है। यह हालात कोबाल्ट थैरेपी मशीन के लिए लगे चार एयर कंडीशनर खराब होने से उत्पन्न हुई है। अस्पताल प्रशासन अब तक वैकल्पिक एयर कंडीशनर का प्रबंध नहीं कर पाया है। बगैर एयर कंडीशनर के कोबाल्ट थैरेपी से कैंसर रोगियों को तो असह्य परेशानी हो ही रही है, करीब चार करोड़ रुपए की मशीन पर भी खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा बच्चेदानी और गले के कैंसर के रोगियों को सेक देने वाली ब्रेकी मशीन भी करीब डेढ़ माह से ठप है। ये दोनों मशीनें रेडियोथैरेपी विभाग के अधीन हैं। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोबाल्ट मशीन के लिए लगे चारों एयर कंडीशनर करीब 15 साल पुराने हैं। बाजार में इनके पाट्र्स भी नहीं मिल रहे। रेडियो थैरेपी विभाग की ओर से अस्पताल प्रशासन को कई बार लिखित में अवगत कराने के बाद भी न एसी ठीक कराए और न वैकल्पिक व्यवस्था की गई।

 

रोज के 60 मरीज लेते हैं थैरेपी
पूरे पश्चिमी राजस्थान में केवल एमडीएम अस्पताल में ही कोबाल्ट थैरेपी की सुविधा है। यहां हर रोज कम से कम 60 मरीजों को थैरेपी दी जाती है। कोबाल्ट थैरेपी के समय मशीन का तापमान बाहर के तापमान से करीब 4 से 5 डिग्री ज्यादा हो जाता है। एयर कंडीशनर ठीक नहीं हुए तो विभागाध्यक्ष ने मरीजों को गर्मी से बचाने के लिए टेबल फेन लगवा दिया। अब पंखे की हवा में ही मरीजों का सेक हो रहा है।


कंपनी भी दे चुकी हिदायत

रेडियोथैरेपी विभाग में लगी इस मशीन के लिए 18-20 डिग्री तापमान होना चाहिए। एयर कंडीशनर खराब होने के बाद अंदर का तापमान 35-40 डिग्री रहता है। मशीन के रख-रखाव के लिए आए कंपनी के इंजीनियर्स इस स्थिति में मशीन स्थाई तौर पर खराब हो सकती है। मशीन खराब हो गई तो यहां थैरेपी लेने वाले मरीजों जोधपुर से बाहर जाना पड़ेगा।

 

200 से ज्यादा महिलाएं ब्रेकी सेक से वंचित

रेडियो थैरेपी विभाग में लगी ब्रेकी मशीन के कंप्यूटर का हार्डवेयर खराब होने के चलते 45 दिन में 200 से ज्यादा कैंसर पीडि़त महिलाओं को अस्पताल में सेक नहींं दिया जा सका। इन महिलाएं को सेक के लिए उदयपुर , अजमेर या बीकानेर जाना पड़ रहा है।

कबाड़ हो चुकी है सीटी स्कैन मशीन

अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से इसी अस्पताल में चार करोड़ की सीटी स्कैन मशीन भी खराब हो चुकी है। इसको लेकर राज्य मानवाधिकार आयोग ने प्राचार्य और अस्पताल अधीक्षक से जवाब तलब के आदेश दिए हैं।

 

बता दिया था

अस्पताल प्रशासन को पुराने एयर कंडीशनर ठीक कराने के लिए हम अस्पताल प्रशासन को लिखित में दे चुके हैं। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य को भी अवगत करवा दिया था। ब्रेकी मशीन के बारे में भी बताया हुआ है।

डॉ. प्रदीप गौड़, विभागाध्यक्ष, रेडियोथैरेपी विभाग

 

नए एयर कंडीशन लगवाएंगे

रेडियोथैरेपी विभाग में नए एयर कंडीशनर लगाने के आदेश दे दिए हैं। एक-दो दिन में लग जाएंगे। ब्रेकी मशीन के लिए विभागाध्यक्ष से बात करूंगा।

डॉ. महेंद्रकुमार आसेरी, अधीक्षक, एमडीएमएच



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