दो साल की डिग्री करने के लिए जेएनवीयू में प्रवेश लेना पड़ सकता है भारी, पढ़ें यह खबर

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जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में एमएससी कम्प्यूटर साइंस की डिग्री दो साल के बजाय तीन साल में मिलेगी। साल भर पहले हुई परीक्षा की मार्कशीट छात्रों के हाथ में अब तक नहीं आई है। छात्रों ने विवि को इस सम्बन्ध में कई बार शिकायतें की, लेकिन मामला जस का तस है।

संभाग के कुछ कॉलेजों में अजमेर स्थित एमडीएस विवि के पाठ्यक्रमानुसार एमएससी, बीएससी-आईटी व पीजीडीसीए कोर्स का संचालन किया जाता है, लेकिन व्यास विवि में इन तीनों पाठ्यक्रम का कोई विभाग या संकाय धणीधोरी नहीं है। जब से संभाग के सभी कॉलेज जेएनवीयू के क्षेत्राधिकार में आए हैं, हर साल इन तीनों पाठ्यक्रमों की परीक्षा व परिणाम को लेकर विद्यार्थियों को बेजा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में पीजीडीसीए व एमएससी कम्प्यूटर साइंस परीक्षा की मार्कशीट परीक्षा परिणाम घोषित होने के छह महीने बाद भी छात्रों के हाथ में नहीं आई है।

 

नौकरी के आवेदन से चूके
एमएससी की डिग्री दो साल की होती है। एमएससी कम्प्यूटर साइंस अंतिम वर्ष की परीक्षा जुलाई-अगस्त 2017 में हुई थी। इसका परिणाम जनवरी 2018 में आ गया, लेकिन मार्कशीट के लिए छात्र-छात्राएं अभी भी चक्कर लगा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि मार्कशीट नहीं होने से वे कई कम्पनियों में नौकरी के आवेदन के लिए अपात्र हो गए हैं। विवि की लेटलतीफी उनके रोजगार पर भारी पड़ती नजर आ रही है। उधर विवि सूत्रों का कहना है कि ये तीनों पाठ्यक्रम भविष्य में बंद हो सकते हैं, क्योंकि इन तीनों के लिए कोई विभाग या संकाय जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। विभाग या संकाय जिम्मेदारी नहीं ले रहा है।

 

पता करवाते हैं

तीनों पाठ्यक्रम की परीक्षा-परिणाम में कई बार देरी हो जाती है। मेरे पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। फिर भी वर्तमान स्थिति का पता कर छात्रों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
प्रो. जैताराम विश्नोई, परीक्षा नियंत्रक, जेएनवीयू, जोधपुर



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