' कूल-कूल ' कमरों में हुई बैठकों से निकले आदेशों को लगी 'लू '

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- न अवैध निर्माण रुके और न ही गोदामों पर लगी लगाम
- 3 सप्ताह, 3 हादसे, 3 यूओ नोट जारी

जोधपुर.

शहर में गत दिनों हुए हादसों के बाद मात्र नगर निगम केवल यूओ नोट जारी कर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर रहा है, इधर शहर में अवैध निर्माण व अवैध व्यावसायिक गतिविधियां धड़ल्ले से जारी हैं। मालिक बेसमेंट की खुदाई भी बेखौफ कर रहे हैं। अफसर एसी कमरों में बैठकें लेकर आदेश निकालने तक सीमित हैं। कुल मिलाकर तीन सप्ताह से लगातार हादसे झेल रही शहर का जनता जिम्मेदार लापरवाही का दंश भुगत रही है। तीनों हादसों के बाद महापौर ने बैठकें लेकर यूओ नोट जारी कर दिए।

पहला हादसा- 22 मई 2018

सरदारपुरा में भूखंड संख्या 258 पर अवैध बेसमेंट की दाई के कारण पास स्थित तीन मंजिला भवन धराशायी हो गया
था। एक परिवार सड़क पर आ गया और दूसरे की रोजी-रोटी छिन गई। मलबे में से लोगो को जिंदा बचा लिया गया, लेकिन हादसे का शिकार परिवार अव्यवस्थाओं व सुनवाई नहीं होने के चलते पल-पल मर रहा है।

एक्शन -

सरदारपुरा में अब भी कई अवैध निर्माण चल रहे हैं। बैठक लेकर वार्ड प्रभारी व अतिक्रमण प्रभारी से अवैध निर्माण की सूची मांगी गई। कुछ निर्माण कार्य रुकवाने की औपचारिकता हुई, लेकिन नतीजा जस का तस।

दूसरा हादसा -28 मई 2018

हाथी राम का ओडा क्षेत्र में 20 फीट की सड़क पर चार मंजिला अवैध प्लास्टिक गोदाम में आग लग गई थी। पूरा भवन आग से धराशायी हो गया। आस-पास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों में दहशत रही।

एक्शन-

आस-पास गोदाम खाली करवाए। क्षेत्र के अवैध गोदाम की लिस्ट बनाने के आदेश दिए। कुछ को नोटिस भी जारी हुए। भीतरी शहर
में संकरी गलियों में हजारों की सं या में अब भी अवैध गोदाम संचालित हो रहे हैं।

तीसरा हादसा- 5 जून 2018

चौपासनी हाउसिंग बोर्ड 12 ई सेक्टर में अवैध व्यावसायिक निर्माण के चलते आरसीसी की छत भराई के समय गिर गई।
हादसे में दबे लोगों को बाहर निकाल लिया गया।

एक्शन-

बैठक लेकर वार्ड प्रभारियों से अवैध निर्माण की लिस्ट मांगी गई। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड में अब भी अवैध निर्माण हो रहे हैं। सूरसागर जोन में 150 निर्माण कार्य चल रहे हैं।

अनुमति का गणित

तीनों विधानसभा क्षेत्र में निर्माण कार्य के 500 से अधिक डीओ वार्ड प्रभारियों ने भरे हैं। इनमें अनुमति के निर्माण व बिना अनुमति निर्माण शामिल है। जेडीए व नगर निगम के अलावा आवासन मंडल की अनुमति जारी होती है। वार्ड प्रभारी अपने स्तर पर अनुमति का गणित समझ नहीं पा रहे है। अगर समझ भी रहे है तो वे अपने स्तर पर ही मामले को सेट कर रहे है। इधर जेईएन को मौके पर भेजकर जांच करवाई जा रही है, लेकिन निगम में पहले ही जेईएन की कमी के चलते इस कार्य को गंभीरता से नहीं ले रहे।

बेसमेंट की खुदाई भी जारी

शहर में अधिकांश स्थानों पर भवन निर्माण में बेसमेंट की खुदाई पर रोक है। इसके बावजूद हर कहीं बेसमेंट की खुदाई
हो रही है। जालोरी गेट पर बेसमेंट की खुदाई से सीवरेज की समस्या उत्पन्न हो गई। हुडको क्वार्टर के पास भी 15 फीट सड़क पर बेसमेंट खुदवा कर निर्माण कार्य चल रहा है।

तीन साल में 30 यूओ नोट जारी

महापौर घनश्याम ओझा ने पिछले तीन वर्ष में 30 यूओ नोट जारी कर दिए। इसके बावजूद उन अर्जेंट ऑर्डर की पालना नहीं हुई। महापौर ने बैठक लेकर यूओ नोट की पालना नहीं होने पर लगातार कर्मचारियों को लताड़ लगाई, लेकिन कर्मचारियों ने परवाह नहीं की।

 



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