जोधपुर. बदलती लाइफ स्टाइल के साथ हमारे खानपान और व्यायाम में बहुत बदलाव आया है। शारीरिक श्रम दिनोंदिन कम होने के कारण मोटापा, डाइबटीज, सर्वाइकल और ब्लड प्रेशर जैसी कई बीमारियां घर करने लगी हैं। बैठ कर काम करने के कारण हम हमारे शरीर की ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। हालांकि कुछ लोग जिम या जुम्बा वर्कआउट आदि कर के अपने को फिट रख रहे हैं। लेकिन एक बड़ा वर्ग आज भी इन सबसे अछूता है। जहां लोग योगा के प्राचीन आसनों को अपना कर शरीर को स्वस्थ्य रखने की सलाह देते हैं। वहीं कई लोगों के लिए वर्कप्लेस में बैठकर ऐसे आसन करना कठिन काम है। इस बात को ध्यान में रखते हुए पत्रिका आपके लिए लाया है कॉर्पोरेट योगा...। पारंपरिक योगा तकनीकों से इतर कॉर्पोरेट योगा अपनाकर आप खुद को फिट रख सकते हैं। भले ही आप कहीं भी बैठे हों। इस प्रयास में जोधपुर के प्रसिद्ध योगा इंस्ट्रक्टर प्रियंका और आकाश सिंघवी साथ दे रहे हैं।
आज के वीडियो में देखें कंधों का व्यायाम
घंटों कम्प्यूटर और लैपटॉप पर बैठ कर काम करने और किसी भी तरह का आराम नहीं करने के कारण हमारे कंधों में अकडऩ और दर्द बढऩे लगा है। यह दर्द धीरे-धीरे बड़े रोग में बदलने में समय नहीं लगाता। रीढ़ की हड्डी में दर्द रहने से सर्वाइकल पेन के रोगियों की संख्या भी बढऩे लगी है। आज के वीडियो में योगा इंस्ट्रक्टर प्रियंका हमें बता रही हैं कि कंधों के साधारण व्यायाम करने से ही हमें खासा आराम मिल सकता है। इस वीडियो में बताए टिप्स अपना कर आप अपने वर्कप्लेस पर कंधों को रिलेक्स कर सकते हैं।
प्रियंका व आकाश : एक नजर में
रातानाडा में अपना योगा स्टूडियो संचालित कर रहे प्रियंका और आकाश पिछले आठ सालों से लोगों को योगा के प्रति जागरूक कर उन्हें लाभांवित कर रहे हैं। निशुल्क कैम्प लगा कर वे लोगों को योगा के फायदे बताने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले दिनों जोधपुर जेल की महिला बंदियों को योग का प्रशिक्षण दिया था। योगा इंस्ट्रक्टर प्रियंका ने मुबंई के सांता क्रूज स्थित द योगा इंस्टीट्यूट, लोनावला स्थित कैवल्यधाम से योगा की बारीकियां सीखी हैं। साथ ही लाडनू विवि से योगा में एमए, बैंगलुरू के एस व्यासा योगा विवि से शिक्षा प्राप्त की है। सीवायए द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्टिफाइड हैं और मिनिस्ट्री ऑफ आयुष से क्यूसीआई द्वितीय लेवल प्राप्त किया है। वहीं आकाश सिघंवी ने भी मुबंई के सांता क्रूज स्थित द योगा इंस्टीट्यूट से योगा की जानकारी प्राप्त की है। योगा में डिप्लोमा प्राप्त आकाश इंडियन योगा एसोसिएशन के प्रोफेशनल मेंबर हैं। प्रियंका ने बताया कि खुद के व परिवार के स्वास्थ्य लाभ के चलते उन्होंने योग की शरण ली। इंद्रा योग संस्थान की अंबिका चंदानी को वह अपनी प्रेरणा मानती हैं। आकाश ने बताया कि एक सड़क हादसे में उनके घुटनों में गहरी चोट आई थी। दिल्ली एम्स में उपचार के दौरान वहां के चिकित्सकों ने उन्हें योगा अपनाने को कहा। योगा करने के साल भर बाद आए परिवर्तन से उन्होंने इस दिशा में ही आगे बढऩे का संकल्प लिया।
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