बासनी (जोधपुर).
मानसून के मौसम के दौरान प्रशासन ने भले ही जगह-जगह पेड़ पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का दिखावा किया हो लेकिन वर्तमान में वास्तविक स्थिति इससे उलट ही नजर आती है। शहर के कई स्थानों पर प्रशासन सहित विभिन्न संस्थाओं व आमलोगों ने पेड़ पौधे लगाए, लेकिन समय पर इनकी देखरेख व सार-संभाल नहीं होने से कई पौधे सूख गए हैं।
शहर की कई सड़कों के बीच हरियाली लाने व पौधे लगाने के लिए ट्री पॉट का सहारा लिया गया। इनकी उचित देखभाल नहीं होने के कारण इनमें लगे पौधे सूख गए हैं। इससे अब ये ट्री पॉट महज शो पीस बनकर रह गए हंै। इसके अलावा कई स्थानों पर गिरने से ये ट्री-पॉट क्षतिग्रस्त स्थिति में ही सड़क पर पड़े हैं। प्रशासन की अनदेखी के कारण इन ट्री पॉट में न तो वापस नए पौधे लगाए जा रहे हैं और न ही इन क्षतिग्रस्त ट्री पॉट को वापस हटाया जा रहा है।
अधिसंख्य पौधे सूखे
सड़क के बीच डिवाइडर पर रखे इन ट्री पॉट में अधिसंख्य पौधे सूख चुके हैं। इनकी देखरेख नहीं होने और समय पर पानी नहीं पिलाने के कारण अधिकतर पौधे जल गए हैं। आखलिया से प्रतापनगर की ओर जाने वाले सड़क मार्ग के डिवाइडर पर 100 से अधिक ट्री पॉट में पौधे लगाए गए थे। देखरेख के अभाव में इनमें से दो-चार में ही पौधे बच पाए हैं और अधिकतर में पौधे सूख गए हैं। पौधे सूखने के बाद शो पीस बने ये ट्री पॉट अब क्षतिग्रस्त होकर टूट रहे हैं।
हादसों को दे रहे न्योता
इन ट्री पॉट की सार-संभाल नहीं लेने के कारण कई ट्री पॉट क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा डिवाइडर पर सही तरीके से नहीं रखे होने के कारण कई बार ये ट्री पॉट सड़क पर ही गिर रहे हैं। इसके कारण वाहन चालकों के लिए कई बार ये टूटे ट्री पॉट मुसीबतों का कारण बन रहे हैं। प्रशासन भी इन क्षतिग्रस्त ट्री पॉट को नहीं हटा रहा है। इसके कारण ये खस्ताहाल ट्री पॉट डिवाइडर पर व सड़क किनारे जस के तस ही पड़े हैं।
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