देणोक. क्षेत्र में दिन-प्रतिदिन आवारा श्वानों का आतंक बढ़ता जा रहा है। हर रोज यह श्वान विचरण करने वाली गायों, हिरणों और राष्ट्रीय पक्षी मोर को अपना शिकार बना रहे हैं, वहीं कई बार ग्रामीणों पर भी हमला करने से यह नहीं चूक रहे। इनके दुस्साहस से अब क्षेत्रीय ग्रामीण भी घबराने लगे हैं, वहीं प्रशासन की ओर से इस संबंध में अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
शनिवार को भी आवारा श्वानों के काटने से विश्वकर्मा नगर में चार गायें घायल हो गई। वहींचटालियां नाडा इंदों का बास में नलकूप के पास पानी पीने के लिए पहुंचे एक हिरण को आवारा कुत्तों ने घायल कर दिया। हिरण के चिल्लाने की आवाज सुनकर पहुंचे मोहन सिंह इंदा व पेम्प सिंह इंदा ने उसका प्राथमिक उपचार करवा अपने निजी वाहन से पहुंचा नजदीकी रेस्क्यू सेंटर में सुपुर्द किया। निस.बेलवा. क्षेत्र के बस्तवा, गोपालसर व बेलवा राणाजी गांवों में आवारा श्वान ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो रहे है। पिछले कई दिनों में इन श्वान के द्वारा गांवों में बच्चों व महिलाओं को काट लिया गया है। जिससे ग्रामीणों में भय का वातावरण बना हुआ है। डूंगरसिंह बस्तवा ने बताया कि शुक्रवार को बस्तवा माताजी गांव में एक बालिका को कई स्थानों से इन आवारा श्वानों ने काट लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होगई। जिसे बालेसर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे एमडीएम रैफ र किया गया। बालिका को बचाने के प्रयास में एक महिला को भी इन श्वानों ने काट लिया। वहीं सगतनगर बेलवा राणाजी में सात व गोपालसर गांव में भी कई स्थानों पर तीन ग्रामीणों पर श्वानों द्वारा हमला करके घायल कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों में दर्जनभर ग्रामीणों को श्वानों द्वारा घायल करने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया है जिससे ग्रामीणों में रोष है।
इन्होंने कहा
श्वानों को पकडऩे की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होती है। पंचायतों द्वारा इन्हें श्वानों के बाड़ों में कैद किया जाता है। विभाग द्वारा पकडऩे की व्यवस्था नहीं होती है।
दशरथसिंह, संयुक्त निदेशक,पशुपालन विभाग जोधपुर।
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