जोधपुर .
भीतरी क्षेत्र हाथीराम का ओडा में तीन मंजिला इमारत के आग की भेंट चढऩे का जितना डर लोगों में था उतनी ही दशहत पास के गोदामों के कारण हो रही थी। लोगों को डर था कि कहीं आग की लपटों ने दीवार लांघ ली तो तबाही चार गुना तक हो जाएगी।
रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों का खामियाजा सोमवार को हाथीराम का ओडा क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ा। जिस प्लास्टिक गोदाम में आग लगी उसके सटे दो गोदामों में टायर के बड़े गोदाम थे। इन गोदामों से सटे ही चाय की पत्ती और सूखे तम्बाकू भी रहवासीय घरों के गोदामों में पड़े थे। लेकिन न तो इनके मालिकों को कोई चिंता थी और न ही जिम्मेदारों को। करीब पांच घंटे तक किसी को पता भी नहीं चला कि जो इमारत सुलग रही है कि उसके पास ही जल्द आग पकडऩे वाला यह सामान भरा पड़ा है।
छह घंटे बाद किया गया खाली
अग्निकांड के हालातों का जायजा लेने महापौर घनश्याम ओझा मौके पहुंचे। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें अवैध रूप से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। इस पर उन्होंने आस-पास के गोदामों की जांच की तो उसमें कई ज्वलनशील पदार्थ भरे पड़े थे। दोपहर १२ बजे बाद उन्होंने इन गोदामों को खाली करने अन्यथा सीज करने की चेतावनी दी। इस पर गोदाम मालिक मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में खाली करवाया गया।
एक मकान भी खाली करवाया
तीन मंजिला इमारत के पीछे एक रहवासीय मकान में घुआं भर गया। इससे लोगों को घुटन होने लगी। बचाव दल के लोगों ने परिवार को मकान से बाहर निकाला। आस-पास के लोगों में दहशत फैल गई।
दिनभर गुल रही बिजली
अग्निकांड के कारण हाथीराम का ओडा सहित फतेहसागर मार्ग व आस-पास की कई गलियों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। जो कि शाम तक भी सुचारु नहीं हो पाई। एेसे में लोग गर्मी में परेशान होते रहे।
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