जोधपुर । जोधपुर जिले के सालवा कल्ला गाँव के जवान पाबूराम थोरी जम्मू में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गये । आज पूर्ण राजकीय सम्मान से उनका अंतिम संस्कार उनके गाँव में किया गया ।
।जम्मू कश्मीर के शोपियां में आंतकी हमले में शहीद हुए जोधपुर के सालवां कलां के जांबाज पाबूराम थोरी का हजारों लोगों की उपस्थिति में आज शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके अंतिम संस्कार में क्षेत्र के लोग उमड़ पड़े। शहीद पाबूराम अमर रहे के नारे लगा रहे लोग उस समय भावुक हो उठे जब उनके सात माह के मासूम पुत्र ने अपनी पिता को मुखाग्नि दी। यह देख कई लोग फफक पड़े। इससे पूर्व शहीद पाबूराम का शव बुधवार दोपहर जोधपुर पहुंचा। हवाई अड्डे पर सैन्य अधिकारियों ने पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ शहीद की पार्थिव देह को सलामी दे पुष्प चक्र अर्पित किए। इसके बाद शहीद की देह को सालवां कलां रवाना किया गया।
सालवां कलां के पाबूराम थोरी(23) पुत्र भोमाराम तीन वर्ष पूर्व ही भारतीय सेना में शामिल हुए थे। वर्तमान में उसकी नियुक्ति जम्मू कश्मीर के शोपियां क्षेत्र में थी। बारह अगस्त को हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों के समूह के साथ मुठभेड़ में पाबूराम ने जमकर आतंकियों को मुकाबला किया। उन्हें तीन गोलियां लगी और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए दिल्ली के सैन्य अस्पताल में भेजा गया। दिल्ली में इलाज के दौरान मंगलवार देर रात उनकी र हो गई। शहीद जवान के परिवार में माता-पिता के अलावा पत्नी मुन्नी देवी व सात माह का पुत्र है। गत वर्ष चौदह अप्रेल को ही उनका विवाह हुआ था। शहीद का शव गांव में पहुंचने से पूर्व ही वहां पर बड़ी संख्या में लोग हो गए थे। जैसे ही सेना का वाहन शहीद का शव लेकर गांव में पहुंचा लोगों ने शहीद पाबूराम अमर रहे के नारों से गांव गूंजा दिया। दाह संस्कार स्थल पर हजारों लोगों की उपस्थिति में शहीद के सात माह के पुत्र ने जैसे ही अपने पिता को मुखाग्नि दी, नारे लगा रहे लोगों के गले से आवाज ही नहीं निकल पाई। एक बार माहौल में सन्नाटा पसर गया। कई लोगों के आंसू बह निकले।
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