गुड्स ऐंड सर्विसेस टैक्स (GST) बिल पर संसद में काफी बवाल हो रहा है। लोकसभा में इसके पास होने के बाद गुरुवार को इस राज्यसभा में चर्चा हो रही है। हम आपको बता रहे हैं कि आपके लिए इस बिल के क्या मायने हैं और इसपर बवाल क्यों हो रहा है।
क्या है जीएसटी
- जीएसटी बिल यह एक संविधान संशोधन बिल है।
- यह अलग-अलग टैक्सों को खत्म कर उनकी जगह एक ही टैक्स सिस्टम लागू करेगा।
- जीएसटी लागू होते ही सेंट्रल सेल्स टैक्स, एक्साइज़, लग्जरी, एंटरटेंनमेंट, वैट जैसे अलग-अलग सेंट्रल और लोकल टैक्स खत्म हो जाएंगे।
- इससे पूरे देश में एक प्रॉडक्ट पर लगभग एक जैसा ही टैक्स लगेगा।
- इसके लागू होने के बाद टैक्स का बराबर हिस्सा केंद्र और राज्यों को मिलेगा।
लोकसभा में इसे दो तिहाई बहुमत के साथ आसानी से पास करा लिया गया, लेकिन राज्यसभा में इसे लेकर मुश्किलें आ सकती हैं, क्योंकि राज्यसभा में एनडीए के पास बहुमत नहीं है। कांग्रेस और दूसरे दल जो इसके विरोध में हैं, उनकी मांग है कि जीएसटी बिल को स्टैंडिंग कमिटी के पास भेजा जाए। इस मांग को वित्त मंत्री अरुण जेटली खारिज कर चुके हैं। जीएसटी बिल को संसद से पारित कराने के बाद देश के 29 राज्यों में से आधे से अधिक राज्यों की विधानसभाओं में भी मंजूरी लेनी होगी। जीएसटी को अगले साल अप्रैल से अमल में लाने की योजना है।
विरोध क्यों?
- कांग्रेस इस बिल को सिलेक्ट कमिटी को भेजना चाहती है ।
- राज्यों को आशंका कि उन्हें पहले से कम टैक्स मिलेगा।
- कुछ राज्य पेट्रोल और डीजल को जीएसटी से बाहर रखना चाहते हैं।
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