ये 10 जुगाडू काम वो बंदे करते हैं जिनकी सैलरी समय पर नहीं आती

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ऑफ़िसों में काम करने वाले बंदे हमेशा महीने की पहली तारीख का इंतज़ार करते हैं, लगातार कमर तोड़ मेहनत करने के बाद आपको महीने की शुरूआत में पगार यानि सैलरी मिलती है. इससे खर्चा चलता है बॉस, और बंदा भी इससे ही चलता है. लेकिन कई-कई बार आपकी सैलरी आने में देरी हो जाती है. कुछ तकनीकी कारण भी हो सकते हैं, पर जब सैलरी नहीं मिलती तो ऐसा लगता है जैसे आपके सिर पर कोई पहाड़ टूट गया हो. खासकर उन लोगों को ज़्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ता है जो अपने घर से दूर पैसा कमाने व ख़ुद को साबित करने निकले हैं. तो आज हम उन दिक्कतों की बात करेंगे जो शायद आपने सैलरी देरी से मिलने के दौरान महसूस की हों.

1. अनशन शुरू

जेब में पैसे न होने पर यही एक रास्ता बचता है जनाब, खाना खाये तीन-तीन दिन हो जाते हैं.
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2. दोस्तों पर निर्भर होना

ये इसलिए किया जाता है ताकि खाना मिल जाए और घर जाने का किराया भी.
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3. मम्मी पापा पर इमोश्नल अत्याचार

मम्मी-पापा पर ये अत्याचार इसलिए किया जाता है ताकि वो आपके बैंक अकाउंट में बिना बताए कुछ पैसे डलवा दें.
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4. पैदल ही चलते जाना

रास्ते तो चलने के लिए ही बने हैं, इसीलिए बंदा अकेला चलता ही जाता है और मज़े की बात ये है कि इससे किराया भी बच जाता है.
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5. रिश्तेदारों से बात करना

ये बंदा इसलिए करता है ताकि वो लोग अपने घर बुला लें और उस दिन का खाना पीना वहीं हो जाये. ये अकसर छोटे भाई लोग ज़्यादा करते हैं क्योंकि वो किसी रिश्तेदार के घर खाली हाथ भी जा सकते हैं.
6. उधार मांगना
आप अपने एक अच्छे दोस्त से उधार मांग लेते हैं ताकि कभी जरूरत पड़ने पर आपको कोई दिक्कत न हो.

7. बैंक के कस्टमर केयर को बार-बार फ़ोन करना
बैंक वालों से बार-बार बात करके आप उनके सामने अपना दुखड़ा रोते हैं.

8. मोबाइल के एक-एक मैसेज पर नज़र

लगातार नज़र मोबाइल की स्क्रीन पर बनी रहती है कि सैलरी कब आपके पास पहुंच रही है. 
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9.मकान मालिक को पैसा न देना

“सर इस बार सैलरी देरी से आयेगी तो आपको अगली बार मैं पैसे दूंगा” 
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10. शादी, बर्थडे और गेट टूगेदर में जाना बंद

कंजूसी आपके सिर पर चढ़ जाती है. आप खर्चों पर नकेल कसने लगते हैं. इसीलिए आप ऐसे मौकों पर जाना बंद कर देते हैं जहां पर गिफ्ट देना पड़े.
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