गांधीनगर। गुजरात की राजधानी गांधीनगर में
रविवार से से शुरू हुए तीन दिवसीय 'गुजरात वाइब्रेंट
समिट-2015' के उद्घाटन अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने फर्राटेदार अंग्रेजी में भाषण दिया। उन्होंने
अंग्रेजी में ऐसा भाषण दिया कि मेहमान मंत्रमुग्ध
हो गए। सिर्फ इतना ही नहीं, मोदी की यह स्पीच
लगभग 11 पेज लंबी थी। उनकी स्पीच सुनने वाले
लोगों को यही लगा कि मोदी लिखा हुआ भाषण
नहीं दे रहे हैं।
दरअसल इसके पीछे टेक्नोलॉजी का ही कमाल था।
टेक्नोप्रेमी मोदी ने इसके लिए एक अत्याधुनिक
टेक्नोलॉजी की सहायता ली। इस
टेक्नोलॉजी का नाम है 'स्पीच टेलीप्रॉम्प्टर'। इस
टेक्नोलॉजी का उपयोग अमेरिका के राष्ट्रपति
बराक ओबामा सहित दुनिया भर के नेता करते हैं।
इस तरह किया जाता है टेक्नोलॉजी का प्रयोग:
स्पीच देने वाले व्यक्ति के सामने ग्लास को इस तरह सेट
किया जाता है कि वह दर्शकों को दिखाई
नहीं देता। अगर यह दिखाई दे भी तो पारदर्शी नजर
आता है। श्रोताओं को ग्लास पर आ रहे शब्द नहीं,
बल्कि स्पीच देने वाले व्यक्ति का चेहरा ही दिखाई
देता है। जबकि स्पीच देने वाले व्यक्ति को शब्द
बिल्कुल स्पष्ट दिखाई देते हैं। स्पीच को ऑपरेट करने के
लिए एक व्यक्ति होता है। वह ग्लास में दिखाई दे रहे
शब्दों के बोले जाते ही उसे आगे बढ़ाता जाता है।
Atul Dhinda



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