हार्लिक्स बोर्नविटा कम्प्लान का घिनौना सच ..

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हार्लिक्स बोर्नविटा कम्प्लान  का घिनौना सच .. ठीक मुद्दे पर आता हूँ .. ये सभी माल्ट बेस्ड फ़ूड है ..इसमें प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए विभिन्न कंपनिया अलग-अलग तरह के प्रोटीन सप्लीमेंट यूस करती है या मिलाती है ..प्रश्न ये है ये  प्रोटीन आता कहाँ से है ..कुछ कम्पनिया 'वे' प्रोटीन लिखती है ..चलो अच्छा है 'वे'यानि के मिल्क प्रोटीन  ..लेकिन कुछ धूर्त कंपनियां सिर्फ'प्रोटीन आइसोलेट"लिखती है इसका मतलब यह प्रोटीन जानवरों से भी लिया जा सकता है लेकिन वे वनस्पति मूल दर्शाने के लिए 'हरा' बिंदु लगाती है .. इन सब की पोल तब खुल गई जब हमने देखा के इन पाउडर को दूध में डाल कर पीने पर मुह में एक अजीब तरह की बू का अहसास होता है ..एक सामान्य व्यक्ति इसे नहीं पहचान सकता लेकिन एक माइक्रोबायोलॉजीस्ट तुरन्त पहचान लेगा की ये बू 'बीफ एक्सट्रेक्ट' या यीस्ट एक्सट्रेक्ट'प्रोटीन की है क्योकि वह हमेशा इस बीफ एक्सट्रेक्ट का इस्तेमाल माइक्रोबियल अगर-और ब्राथ बनाने के लिए करता है लैब में ..  बीफ एक्सट्रेक्ट एक सस्ता प्रोटीन है जो माइक्रोबायोलॉजी लैब में इस्तेमाल होता है ये गाय और सूअर के माँस से बनता है  बूचड़खाने में जो बचा हुआ गोमाँस और सूअर का माँस होता है उसे उबाल कर बीफ एक्सट्रेक्ट प्रोटीन बनाया जाता है .. इन्टरनेट पर चाइना के अलीबाबा और इंडियामार्ट जैसे वेबसाईट इसे सस्ते दामो में बेच रहे है इसीलिए इन कंपिनियो को सस्ता विकल्प मिल गया है ! ..  जिस प्रकार रंगीन पदार्थ का रंग कम करने के लिए उसे 'ब्लीच' किया जाता है ..उसी तरह  बीफ एक्सट्रेक्ट प्रोटीन की बू कम करने के लिए उसे 'डी-ओडराइजड' या गंधहीन किया जाता है लेकिन फिर भी बदबू बच ही जाती है  Saffron Research and Analysis Wing S-RAW भगवा अनुसन्धान एवं विश्लेषण संस्था  यकीन नहीं हो रहा है ? चलिए एक प्रयोग कीजिये गरमा गरम दूध में दो चमचे हार्लिक्स मिला कर के अनुभवी लैब में काम कर चुके माइक्रोबायोलॉजीस्ट को दीजिए और पूछिए क्या इसकी बू बीफ एक्सट्रेक्ट से मिलती है ??  जय श्री राम ...! और ये हार्लिक्स बोर्नविटा कम्प्लान कम्पनियाँ इसका वजन और  स्वाद बढाने के लिए विभिन्न एंजाइम और राइसिंग एजेण्ट और नमक इनमे डालती है जो की आयुर्वेद के अनुसार दूध के साथ विरोध पदार्थ है जिससे विभिन्  तरह की चर्मव्याधियाँ हो जाती है शरीर पर और धर्म भ्रष्ट हो रहा है सो अलग .. research by Naresh Arya !

हार्लिक्स बोर्नविटा कम्प्लान का घिनौना सच ..
ठीक मुद्दे पर आता हूँ .. ये सभी माल्ट बेस्ड फ़ूड है ..इसमें प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए विभिन्न कंपनिया अलग-अलग तरह के प्रोटीन सप्लीमेंट यूस करती है या मिलाती है ..प्रश्न ये है ये प्रोटीन आता कहाँ से है ..कुछ कम्पनिया 'वे' प्रोटीन लिखती है ..चलो अच्छा है 'वे'यानि के मिल्क प्रोटीन
..लेकिन कुछ धूर्त कंपनियां सिर्फ'प्रोटीन आइसोलेट"लिखती है इसका मतलब यह प्रोटीन जानवरों से भी लिया जा सकता है लेकिन वे वनस्पति मूल दर्शाने के लिए 'हरा' बिंदु लगाती है ..
इन सब की पोल तब खुल गई जब हमने देखा के इन पाउडर को दूध में डाल कर पीने पर मुह में एक अजीब तरह की बू का अहसास होता है ..एक सामान्य व्यक्ति इसे नहीं पहचान सकता लेकिन एक माइक्रोबायोलॉजीस्ट तुरन्त पहचान लेगा की ये बू 'बीफ एक्सट्रेक्ट' या यीस्ट एक्सट्रेक्ट'प्रोटीन की है क्योकि वह हमेशा इस बीफ एक्सट्रेक्ट का इस्तेमाल माइक्रोबियल अगर-और ब्राथ बनाने के लिए करता है लैब में ..
बीफ एक्सट्रेक्ट एक सस्ता प्रोटीन है जो माइक्रोबायोलॉजी लैब में इस्तेमाल होता है ये गाय और सूअर के माँस से बनता है
बूचड़खाने में जो बचा हुआ गोमाँस और सूअर का माँस होता है उसे उबाल कर बीफ एक्सट्रेक्ट प्रोटीन बनाया जाता है ..
इन्टरनेट पर चाइना के अलीबाबा और इंडियामार्ट जैसे वेबसाईट इसे सस्ते दामो में बेच रहे है इसीलिए इन कंपिनियो को सस्ता विकल्प मिल गया है ! ..
जिस प्रकार रंगीन पदार्थ का रंग कम करने के लिए उसे 'ब्लीच' किया जाता है ..उसी तरह बीफ एक्सट्रेक्ट प्रोटीन की बू कम करने के लिए उसे 'डी-ओडराइजड' या गंधहीन किया जाता है लेकिन फिर भी बदबू बच ही जाती है Saffron Research and Analysis Wing S-RAW भगवा अनुसन्धान एवं विश्लेषण संस्था
यकीन नहीं हो रहा है ? चलिए एक प्रयोग कीजिये गरमा गरम दूध में दो चमचे हार्लिक्स मिला कर के अनुभवी लैब में काम कर चुके माइक्रोबायोलॉजीस्ट को दीजिए और पूछिए क्या इसकी बू बीफ एक्सट्रेक्ट से मिलती है ??
जय श्री राम ...!
और ये हार्लिक्स बोर्नविटा कम्प्लान कम्पनियाँ इसका वजन और स्वाद बढाने के लिए विभिन्न एंजाइम और राइसिंग एजेण्ट और नमक इनमे डालती है जो की आयुर्वेद के अनुसार दूध के साथ विरोध पदार्थ है जिससे विभिन् तरह की चर्मव्याधियाँ हो जाती है शरीर पर और धर्म भ्रष्ट हो रहा है सो अलग ..
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