पाली सांसद हुए पुलिस की अव्यवस्था के शिकार,
आज हुण गाँव में श्रावण के सोमवार के मेले में हजारो लोगो का सैलाब उमड़ पड़ा|
भगवन जोगेश्वर महादेव के दर्शनार्थ मंदिर प्रागण में तो पैर रखने की भी जगह नहीं थी| मेले में महिलाओ और बच्चो का उत्साह तो देखते हुए ही बन रहा था| मेले में पूरा घुमने के पश्चात् मुझे मेले में एक चीज की कमी खली,वो थी पुलिस | चूँकि ये स्थानीय उत्सव की तरह ही है तथा इसमें स्थानीय महिलाओ की तादाद काफी ज्यादा रहती है तो फिर पुलिस की भी जिम्मेदारी होती है है की वो महिलाओ के lलिए माकूल सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम करे| पता नहीं पुलिस क्यों अप्रिय घटनाओ के होने का इंतजार करना चाहती है| शायद अप्रत्यक्ष रूप से इसमें पुलिस का ही फायदा हो |पुरे मेले में सिर्फ ३-४ पुलिस वाले ही दिखे , जो की अपनी ड्यूटी के बजाय मित्रो के साथ व्यस्त दिखे| न ही वहां पर कोई सुपरवाइजरी स्टाफ दिखा जो इन अलग थलग कांस्टेबल के साथ सामंजस्य बिठा कर मेले की व्यवस्था संभाले| मेले में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था भी नगण्य थी|पता नहीं क्यों पुलिस प्रशासन मौन दिखा| पुलिस के इसी मनमोहन सिंह वाले रूप के कारण पाली सांसद भी आज मेले की इसी अव्यवस्था से झुझते नजर आये|मेले से एक या डेढ़ किलोमीटर पहले तक ही ट्रैफिक जाम लगा था| और सांसद साहिब भी इसी जाम का हिस्सा बने हुए थे| जब पुलिस VIP के लिए भी इसी तरीके से मौन रह सकती है तो सोच लीजिये हमारे जैसे आम आदमी का क्या होगा|
आज हुण गाँव में श्रावण के सोमवार के मेले में हजारो लोगो का सैलाब उमड़ पड़ा|
भगवन जोगेश्वर महादेव के दर्शनार्थ मंदिर प्रागण में तो पैर रखने की भी जगह नहीं थी| मेले में महिलाओ और बच्चो का उत्साह तो देखते हुए ही बन रहा था| मेले में पूरा घुमने के पश्चात् मुझे मेले में एक चीज की कमी खली,वो थी पुलिस | चूँकि ये स्थानीय उत्सव की तरह ही है तथा इसमें स्थानीय महिलाओ की तादाद काफी ज्यादा रहती है तो फिर पुलिस की भी जिम्मेदारी होती है है की वो महिलाओ के lलिए माकूल सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम करे| पता नहीं पुलिस क्यों अप्रिय घटनाओ के होने का इंतजार करना चाहती है| शायद अप्रत्यक्ष रूप से इसमें पुलिस का ही फायदा हो |पुरे मेले में सिर्फ ३-४ पुलिस वाले ही दिखे , जो की अपनी ड्यूटी के बजाय मित्रो के साथ व्यस्त दिखे| न ही वहां पर कोई सुपरवाइजरी स्टाफ दिखा जो इन अलग थलग कांस्टेबल के साथ सामंजस्य बिठा कर मेले की व्यवस्था संभाले| मेले में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था भी नगण्य थी|पता नहीं क्यों पुलिस प्रशासन मौन दिखा| पुलिस के इसी मनमोहन सिंह वाले रूप के कारण पाली सांसद भी आज मेले की इसी अव्यवस्था से झुझते नजर आये|मेले से एक या डेढ़ किलोमीटर पहले तक ही ट्रैफिक जाम लगा था| और सांसद साहिब भी इसी जाम का हिस्सा बने हुए थे| जब पुलिस VIP के लिए भी इसी तरीके से मौन रह सकती है तो सोच लीजिये हमारे जैसे आम आदमी का क्या होगा|

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